असम में सदियों पुरानी परंपरा के तहत लोग दिवाली के दौरान घर के बाहर केले के पौधों पर मिट्टी के दीये रखते हैं। इसके साथ ही घर के मुख्य द्वार पर बांस की लकड़ियां भी लगाई जाती हैं। राज्य के कई हिस्सों में आज भी इस परंपरा का पूरी श्रद्धा के साथ पालन किया जाता है। दिवाली से पहले गुवाहाटी के बाजारों में लोगों की भीड़ बढ़ गई है। लोग केले के पौधों, बांस की लकड़ियों, दीयों और पटाखों की खरीदारी कर रहे हैं। बाजारों में पहुंचने वाले केले के पौधे कामरूप, नलबाड़ी और मोरीगांव जैसे जिलों से लाए जा रहे हैं।