
ग्वालियर। डेंगू लार्वा सर्वे की पोल खुलते ही स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर से अलर्ट हो गया और बड़े जोश के साथ सर्वे पर काम शुरू कर दिया। मलेरिया अधिकारी ने खुद लार्वा सर्वे किया और दवा का छिड़काव कराया। इसके साथ ही लोगों में डेंगू से बचाव को लेकर जागरुकता के प्रयास किए। यही नहीं पदमपुर खेरिया सहित आसपास के गांव में भी लार्वा सर्वे का काम किया गया। जिसमें स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ साथ आशा कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
बुधवार को गजराराजा मेडिकल कालेज व जिला अस्पताल से जारी रिपोर्ट के मुताबिक एक दिन में 18 मरीज डेंगू संक्रमित पाए गए। जिनमें से 17 ग्वालियर के हैं। इन 18 संक्रमितों में 12 बच्चे हैं जिन्हें, डेंगू ने शिकार बनाया है। डेंगू की चपेट में आने वाले ग्वालियर के 12 साल के सोबरन, 7 साल के इसोवा, 26 साल की राधा, 6 साल का हितेश, 45 साल की पुष्पलता, 20 साल की नेहा, 11 साल अरुण, 33 साल का सौरभ, 55 साल का महेश, 17 साल का नीरज यादव, 16 साल की नैना, 6 साल का लक्ष्य, 24 साल का गोविंद, 11 साल का अथर्व, 9 साल का कौटिल्या, 13 साल का वंश, 14 अक्षरा और मुरैना की 9 साल की सृष्टि शामिल है। इन्हें कुछ दिन से बुखार आ रहा था, जांच कराई तो इन्हें डेंगू संक्रमित पाया गया।
मरीजों के लिए अलग से बेड नहीं
सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों में डेंगू मरीज के लिए अलग से वार्ड आरक्षित नहीं है। जिला अस्पताल में जो वार्ड आरक्षित किया गया, वहां बेड फुल हो चुके और डेंगू मरीज को सामान्य मरीजों के साथ रखा जा रहा है। यही हालात जेएएच व निजी अस्पतालों का भी है। जबकि सीएमएचओ द्वारा डेढ़ माह पहले सभी निजी अस्पतालों को निर्देश जारी करते हुए अस्पतालों में उपलब्ध पलंगों के दस प्रतिशत पलंग डेंगू मरीजों को भर्ती करने के लिए आरक्षित किए जाने को कहा गया था। लेकिन सीएमएचओ के निर्देश का निजी अस्पतालों में तो दूर शासकीय अस्पतालों में ही पालन नहीं किया जा रहा है। अब प्रशासन कह रहा है कि जिन अस्पतालों में अलग से बेड नहीं हैं, उनकी जांच की जाएगी। लार्वा सर्वे किया जा रहा है। टीमें लगातार काम कर रही हैं। लापरवाही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
Published on:
24 Nov 2022 05:47 pm
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