
कंट्रोल रूम में बुलाई गई मीटिंग में चर्चा करते हुए।
ग्वालियर. सोशल मीडिया पर खाकी की धमक दिखाने, वर्दी पहनकर फिल्मी गानों पर रील्स बनाने और लाइक्स-कमेंट्स बटोरने के शौकीन पुलिसकर्मियों के लिए डीजीपी कैलाश मकवाना का नया फरमान भारी पड़ गया है। कड़े निर्देशों के बाद मंगलवार को ग्वालियर अंचल समेत पूरे प्रदेश में रीलबाज पुलिसकर्मियों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर सन्नाटा छाया रहा। डीजीपी के निर्देश मिलते ही ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने पुलिस कंट्रोल रूम में सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और पुलिस बल की बैठक बुलाई। बैठक में एसएसपी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि कोई भी पुलिसकर्मी अब वर्दी में रील्स, फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड नहीं करेगा। इसके साथ ही एआइ टूल्स जैसे चैट जीपीटी पर भी विभागीय गोपनीय डेटा या जांच से जुड़ी जानकारियां शेयर करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
निजी प्रचार का अड्डा बनता जा रहा था महकमा, लगाई रोक
पिछले कुछ समय से पुलिस महकमे में अपनी छवि चमकाने और सोशल मीडिया पर इन्फ्लुएंसर बनने की होड़ मची हुई थी। कई अधिकारी और कर्मचारी सरकारी वाहनों, थानों, पुलिस आवासों और अन्य शासकीय संसाधनों का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर अपनी, परिजनों और रिश्तेदारों की रील्स शूट कर रहे थे। पुलिसिंग का मूल कार्य पीछे छूट गया था और डिजिटल स्क्रीन पर खुद को चमकाने का चस्का सिर चढ़कर बोल रहा था, जो अंतत: विभाग की अनुशासनहीनता और गोपनीयता भंग करने का कारण बन रहा था।
Updated on:
23 Sept 2026 05:47 pm
Published on:
23 Sept 2026 05:46 pm
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