29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

हनीट्रैप या देशविरोधी गतिविधियों में फंसने से ऐसे बचेंगे जवान, हाईकोर्ट ने BSF को दी सलाह

कोर्ट ने बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल को सलाह दी कि जवानों को हनीट्रैप या देशविरोधी गतिविधियों से बचाने के लिए जागरुकता कार्यक्रम आयोजित करें। उनकी सोशल मीडिया पर बढ़ती गतिविधि को रोकें।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

ग्वालियर

•

image

Mohammad Faiz Mubarak

•

Updated: 19 Jan 2020, 1:30 PM IST

news

हनीट्रैप या देशविरोधी गतिविधियों में फंसने से ऐसे बचेंगे जवान, हाईकोर्ट ने BSF को दी सलाह

ग्वालियर/ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के जवान सोनू यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान जस्टिस आनंद पाठक ने बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल को सलाह दी कि जवानों को हनीट्रैप या देशविरोधी गतिविधियों से बचाने के लिए जागरुकता कार्यक्रम आयोजित करें। जस्टिस पाठक द्वारा इस लिखित आदेश की प्रति बीएसएफ के डीजी को भेजी ताकि वो इस समस्या को समझते हुए खासतौर पर संवेदनशील स्थानों पर पदस्थ जवानों की सोशल मीडिया पर जरूरत से ज्यादा बढ़ती सक्रियता को कम करने और उससे सेना को होने वाल नुकसानों के बारे में अवगत कराते हुए जागरुकता बढ़ाने की बात कही।

पढ़ें ये खास खबर- रिकॉर्ड घटे पेट्रोल डीजल के दाम, जानिए क्या है आपके शहर के रेट


BSF जवान की जमानत याचिका पर सुनवाई

आपको बता दें कि, बीएसएफ जवान सोनू यादव के खिलाफ महिला द्वारा कोर्ट में दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पुलिस थाना थाटीपुर द्वार सोनू यादव के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया और 27 नवंबर 2019 को उनकी गिरफ्तारी कर ली। इस संबंध में आरोपी ने रिहाई के लिए हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। इस दौरान आरोपी के वकील द्वारा कोर्ट को बताया गया कि, शिकायतकर्ता महिला और आरोपी की आपस में मित्रता थी। उनकी ये दोस्ती फेसबुक पर हुई थी। यहीं दोनों बातचीत के दौरान एक दूसरे के नजदीक आए। हालांकि, बातचीत के दौरान दोनों ने ही एक दूसरे ये बात छुपा रखी थी कि, दोनो शादीशुदा हैं।

पढ़ें ये खास खबर- मां को झूठे आरोप में फंसाकर पहुंचाया जेल, फिर बेटी के साथ रोजाना करने लगा ज्यादती, मां बनी मासूम


कोर्ट ने लिया फैसला

इसके बाद जब दोनों एक दूसरे से मिले और उनके बीच संबंध बन गए तो महिला ने शादी के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। मामला यहां बिगड़ा की महिला को पता चला कि, आरोपी शादीशुदा है। हालांकि, महिला खुद भी शादीशुदा थी और महिला के पति ने मानसिक क्रूरता के आधार पर उससे तलाक याचिका पहले से ही कोर्ट में लगा रखी थी। कोर्ट द्वारा संपूर्ण माला समझने के बाद ये फैसला लिया कि, आरोपी को इस घटना से सबक मिल गया है। भविष्य में वो किसी से भी बातचीत के लिए फेसबुक का इस्तेमाल नहीं करेंगे। साथ ही, बीएसएफ डीजी को भी सोनू का उदाहरण देते हुए अन्य जवानों की सोशलमीडिया पर सक्रीयता पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।