
विदेश में हुई इस महिला की मौत,परिजनों ने थाने का घेराव कर मंत्री को बताई सच्चाई
ग्वालियर। मुस्लिम देश कतर के दोहा शहर में 27 दिसंबर को हुई ममता बघेल की संदिग्ध मौत के मामले में शनिवार को बिलौआ में मृतका के मायके पक्ष समेत स्थानीय लोगों ने थाने पहुंचकर ससुराल वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग को लेकर थाने का घेराव किया। यह सभी मृतका का दोबारा पोस्टमार्टम किए जाने की मांग कर रहे थे। करीब चार घंटे तक आक्रोशित परिजन थाने घेरे रहे। थाना प्रभारी से मामला दर्ज किए जाने पर प्रभारी ने उनका आवेदन ले लिया। एक बार पीएम होने के बाद दोबारा नहीं किया जा सकता समझाकर मामले को शांत कराया।
दोपहर बाद ममता बघेल का अंतिम संस्कार उसके मायके में किया गया। दरअसल मृतका ममता के परिजनों ने महिला बाल विकास विभाग की मंत्री इमरती देवी और कलेक्टर से इस बात की गुहार लगाई थी कि उनकी पुत्री का अंतिम संस्कार का हक उन्हें ही मिले, बिलौआ में उसके मायके में ही अंतिम संस्कार कराया जाए। साथ ही पीएम ग्वालियर कराए जाने के लिए कहा था।
छतरपुर से ममता बघेल पत्नी रविन्द्र बघेल के शव को उसके परिजन एंबुलेंस से शुक्रवार को रात में लेकर बिलौआ पहुंचे और घर न ले जाते हुए मंडी कमेटी परिसर में एंबुलेंस को रुकवाया। शनिवार को सुबह 9 बजे मृतक के परिजन, रिश्तेदार समेत ग्रामीण एकत्रित होकर थाने जा पहुंचे और घेराव कर दिया। ससुराल वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के साथ दुबारा पीएम कराया जाए इस बात को लेकर थाना प्रभारी अमितसिंह भदोरिया के साथ परिजन चर्चा करते रहे। थाना प्रभारी की समझाइस के बाद अंतिम संस्कार किया गया। इधर, उसके परिवार के लोगों का रो रो कर बुरा हाल है। बिलौआ में मृतका की मां और पिता रहते है।
दहेज के लिए करते थे प्रताडि़त
दिए आवेदन में मृतका के भाई रामेश्वर बघेल ने लिखा है कि उसकी बहन ममता को उसके ससुरालीजन ससुर कप्तानसिंह, सास कुसुमबाई, देवर शैलेन्द्र, ननद स्मृति, नंदेउ चंद्रशेखर और पति रविन्द्र दहेज के लिए प्रताडि़त करते थे और उसी प्रताडऩा के फलस्वरूप उसकी बहन को कतर में मार डाला है। इस संबंध में 29 दिसंबर को एसपी को, 30.दिसंबर को थाना प्रभारी झांसी रोड और 2 दिसंबर को पुन: एसपी को आवेदन दिया जा चुका है।
दिए आवेदन में लिखा गया है कि दोहा रविन्द्र के साथ जाने के बाद रविन्द्र भारत से ही टेलीफोन और अन्य माध्यमों से ममता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताडि़त करता रहा। 15 दिन पहले ममता ने उसे मोबाइल में वॉयस मैसेज कर भी यह बताया था कि मेरे साथ मारपीट होती है बचा लें नहीं तो मेरा पति मुझे जान से मार देगा और 27 दिसंबर को उसकी मौत हो गई और 29 दिसंबर को रविन्द्र के छोटे भाई ने मौत की सूचना दी।
तीसरी मंजिल से गिरकर हुई थी ममता की मौत
बिलौआ के रामेश्वर बघेल ने अपनी सबसे छोटी बहन का विवाह 27 नवंबर 2015 को छतरपुर चेतगिरी कॉलोनी में रहने वाले कप्तानसिंह बघेल के पुत्र रविन्द्र से किया था। रविन्द्र एरोनोटिक्स इंजीनियर था और कतर एयरलाइंस में नौकरी करता था। रामेश्वर ने बताया कि शादी के कुछ समय बाद उसे भी कतर ले गया। करीब एक साल बाद उसे परेशान करने लगा। 27 दिसंबर को तीसरी मंजिल से गिरकर उसकी मौत हो गई।
"इस संबंध में आवेदन ले लिया गया है और मामले की जांच की जाएगी, मामला विदेश से जुड़ा है वरिष्ठों को इस बात से अवगत करा दिया है। एक बार पीएम होने के बाद दोबारा पीएम नहीं हो सकता इस बात से उन्हें समझाइस दी गई।"
अमित सिंह भदोरिया,थाना प्रभारी बिलौआ
Published on:
06 Jan 2019 08:11 pm
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