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7 राज्यों में STF की रेड, डबरा फर्जी पासपोर्ट कांड में 15 से ज्यादा अफसरों पर गिरेगी गाज

Fake passport: फर्जी पासपोर्ट मामले चार मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद 66 गायब घुसपैठियों की तलाश में सात राज्यों में छापेमारी चल रही है, साथ ही 15 से अधिक संलिप्त अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई तय है।
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ग्वालियर

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Astha Awasthi

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Updated: 15 Sep 2026, 10:13 AM IST

फर्जी पासपोर्ट कांड, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)

फर्जी पासपोर्ट कांड, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)

Gwalior news: धर्म और आस्था का चोला ओढ़कर मध्य प्रदेश के फर्जी पतों पर भारतीय पासपोर्ट बनवाने वाले अंतरराष्ट्रीय बांग्लादेशी घुसपैठिए सिंडिकेट पर स्पेशल टास्क फोर्स ने अपना शिकंजा कस दिया है। मामले में पकड़े गए 4 मुख्य आरोपियों से पूछताछ के बाद गायब हुए 66 बांग्लादेशी घुसपैठियों की तलाश में एसटीएफ की 7 विशेष टीमें देश के 7 राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।

जांच में सामने आया है कि इस सिंडिकेट की जड़े असम, बिहार, अरुणाचल प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, सिक्किम और पश्चिम बंगाल तक फैली हुई है। एसटीएफ की टीमें जिन-जिन ठिकानों पर दबिश दे रही है, वहां इन घुसपैठियों के मददगार बौद्ध मठों और विहारों के आसपास ही मिल रहे है। हालांकि, भांडाफोड़ होने की भनक लगते ही अधिकांश घुसपैठिए भूमिगत हो गए हैं, जबकि कई आरोपी फर्जी भारतीय पासपोर्ट की बदौलत थाईलैंड व अन्य देशों में भाग चुके हैं।

डबरा के पते पर बने इन 17 घुसपैठियों के पासपोर्ट

रियाल चौधरी ने डबरा के सिमरिया गांव के पते पर जिन 17 अन्य बांग्लादेशियों के जाली दस्तावेजों से पासपोर्ट बनवाए, उनके नाम है टीटू रॉय, शुभा मुतशुद्धी, सुमन सरकार, प्रियांश रॉय, जॉय चौधरी, अमित चौधरी, सइकत चौधरी, विप्लव अधिकारी, डिगोन्तो अधिकारी, राजीव रॉय, अरित्रा रॉय, दीपक घोष, सूरज रॉय, लावुल रॉय, सुजीत रॉय और रॉकी रॉय।

ऐसे फैलाया मास्टरमाइंड ने जाल

एसटीएफ की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी रियाल चौधरी ने रिमांड के दौरान स्वीकार किया कि वह मूल रूप से बांग्लादेश का नागरिक है। वह बौद्ध भिक्षु के भेष में अवैध तरीके से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत में दाखिल हुआ था। रियाल लंबे समय तक असम में रहा और स्थानीय बौद्ध अनुयायियों में घुल-मिल गया। असम के संपर्कों के जरिए उसने मप्र के बैतूल में पहला फर्जी ठिकाना बनाया और अपना पासपोर्ट जारी कराया। इसके बाद उसने बांग्लादेश से अवैध रूप से लाए गए 16 अन्य घुसपैठियों के पासपोर्ट डबरा (ग्वालियर) के सिमरिया (वार्ड-1) स्थित अंबेडकर पार्क और तथागत बुद्ध विहार के फर्जी पते पर जारी करवाए।

फर्जी पतों पर पासपोर्ट बनवाने वाले ले घुसपैठियों घुसपैठियों और उनके मददगारों की धरपकड़ के लिए एसटीएफ की 7 टीमें अलग-अलग राज्यों में डेरा जमाए हुए हैं। इस फर्जीवाड़े में शामिल पुलिस, नगर निगम, नगर पालिका और राजस्व विभाग के संलिप्त अधिकारियों-कर्मचारियों को चिन्हित कर लिया गया है। उनके खिलाफ भी कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।- राजेश सिंह भदौरिया, एसपी, एसटीएफ भोपाल

15 से ज्यादा अफसरों व कर्मचारियों पर गाज गिरना तय

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बांग्लादेशी नागरिकों को भारत का पासपोर्ट थमाने के इस बड़े खेल में स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमले की मिलीभगत पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है। राज्य पुलिस, नगर निगम, नगर पालिका और राजस्व विभाग के 15 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी एसटीएफ के रडार पर आ चुके हैं। इन कर्मचारियों ने बिना मौके पर जाए एक ही मोबाइल नंबर और बंजर पहाड़ी के पते पर सत्यापन कर सरकारी मुहर लगाई थी। इन पर जल्द ही आपराधिक मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की तैयारी है।