दरअसल, यह कार्यक्रम हापुड़ के पिपलैड़ा गांव में आयोजित किया गया था। जिसकी तारीफ और मिसाल आस-पास के इलाके में भी दी जा रही है। जी हां, इस गांव के ग्रामीणों ने मिलकर एक ऐसी पंचायत की, जिसमें मुस्लिम समुदाय आैर हिन्दू समुदाय के अलावा दलितों और पिछड़े सभी धर्म के लोग शामिल हुए। इस दौरान सभी ने मिलकर पंचायत में कुछ ऐसे नियम कानून बनाए जो कि मानवता के साथ-साथ आपसी सौहार्द कायम करने वाले हैं। शिक्षा सफाई और महिला शक्तिकरण पर भी पंचायत में जोर दिया गया।