बता दें कि हाथरस की थाना सदर कोतवाली और हाथरस गेट पुलिस भले ही सट्टा माफिया चतुरा को पकड़कर राहत की सांस ले रहे हो लेकिन जिले में अभी भी कई अन्य थाना क्षेत्रों में सट्टा और नशे का अवैध कारोबार चल रहा है, जिसकी गिरफ्त में आकर नौजवान युवा अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। चोरी और लूटपात की घटनाओं के पीछे भी नशे के आदी ही गिरफ्तार हो रहे हैं। कई चोरी करने वाले अपराधियों ने कबूला है कि वह नशा करने की खातिर चोरी आदि करने पर मजबूर हुए हैं। पुलिस को सख्ती से नशा कारोबारियों पर लगाम लगानी चाहिए जिससे जिले में अपराध की घटनायेंं कम हो सकें।