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Cyst: बार-बार बन रही है शरीर में गांठ? हेल्थलाइन ने बताया Infection से लेकर Blocked Glands तक, ये हो सकती हैं गांठ की वजहें

Cyst Cause: शरीर में बार-बार गांठ (Cyst) क्यों बनती है? क्लीवलैंड क्लिनिक और हेल्थलाइन से जानिए इसके पीछे छिपे इन्फेक्शन, ब्लॉक्ड ग्लैंड्स और हार्मोनल बदलाव जैसे मुख्य कारण और लक्षण।
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भारत

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Nidhi Yadav

Sep 02, 2026

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शरीर में गांठ क्यों बनती है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Shutterstock)

Cyst Cause Hindi: क्या आपने कभी अपनी त्वचा के नीचे या शरीर के किसी हिस्से में एक छोटा सा उभार या गांठ महसूस की है? कई बार जब शरीर में बार-बार गांठ बनने लगती है, तो मन में डर और घबराहट होना स्वाभाविक है कि कहीं यह कोई गंभीर बीमारी तो नहीं। हम इसे केवल गांठ कह देते हैं, लेकिन मेडिकल भाषा में इसे सिस्ट (Cyst) कहा जाता है। ज्यादातर मामलों में ये गांठें बिल्कुल बेहार्म (बिना किसी खतरे वाली) होती हैं, लेकिन इन्हें नजरअंदाज करना भी सही नहीं है। आइए समझते हैं कि सिस्ट क्या होती है, यह क्यों बनती है और इसके पीछे क्या-क्या मुख्य वजहें हो सकती हैं।

क्या होती है सिस्ट (Cyst)?

क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, सिस्ट एक तरह की छोटी थैली जैसी संरचना होती है, जो त्वचा के ठीक नीचे या शरीर के अंदर किसी अंग में बन जाती है। इस थैली के अंदर पानी, हवा, मवाद (pus) या कोई अन्य तरल पदार्थ भरा हो सकता है। यह शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है, जैसे त्वचा पर, कलाई में, महिलाओं की ओवरी (अंडाशय) में, या फिर किडनी और ब्रेस्ट में। ज्यादातर सिस्ट गैर-कैंसरकारी (Non-cancerous) होती हैं, यानी इनसे कैंसर का कोई खतरा नहीं होता। हालांकि, इनके बनने की वजह और जगह के आधार पर ये कभी-कभी दर्दनाक हो सकती हैं या रोजमर्रा के कामों में असुविधा पैदा कर सकती हैं।

शरीर में बार-बार सिस्ट बनने के मुख्य कारण

हेल्थलाइन के मुताबिक, शरीर में सिस्ट बनने के पीछे कई आम और अंदरूनी कारण हो सकते हैं;

1. तेल या पसीने की ग्रंथि का बंद होना (Blocked Glands)

हमारी त्वचा के नीचे कई छोटी-छोटी ग्रंथियां (Glands) होती हैं, जो पसीना और तेल (Sebum) बाहर निकालती हैं। जब ये ग्रंथियां किसी धूल, मिट्टी या मृत त्वचा की वजह से ब्लॉक हो जाती हैं, तो उनके अंदर बनने वाला लिक्विड बाहर नहीं निकल पाता। वही रुका हुआ लिक्विड धीरे-धीरे जमा होकर गांठ का रूप ले लेता है, जिसे सेबेसियस सिस्ट (Sebaceous Cyst) कहा जाता है।

2. इन्फेक्शन या संक्रमण (Infections)

शरीर में किसी जगह पर अगर बैक्टीरियल या फंगल इन्फेक्शन हो जाए, तो वहां सूजन और गांठ बन सकती है। जब हमारा शरीर इन्फेक्शन से लड़ता है, तो उस जगह पर डेड सेल्स और मवाद इकट्ठा होने लगता है, जो सिस्ट में बदल जाता है।

3. हार्मोनल बदलाव (Hormonal Changes)

महिलाओं में ओवेरियन सिस्ट (Ovarian Cyst) बहुत आम समस्या है। यह मुख्य रूप से मेंस्ट्रुअल साइकिल (मासिक धर्म) के दौरान होने वाले हार्मोनल उतार-चढ़ाव की वजह से बनती है। इसके अलावा, पीसीओडी (PCOD) या थायरॉयड जैसी समस्याओं में भी शरीर में सिस्ट बनने की संभावना बढ़ जाती है।

4. बालों का अंदर की तरफ उगना (Ingrown Hair)

कई बार शेविंग, वैक्सिंग या ट्रिमिंग के बाद बाल बाहर निकलने के बजाय वापस त्वचा के अंदर की तरफ मुड़कर उगने लगते हैं। इससे उस जगह पर जलन, सूजन और इन्फेक्शन हो जाता है, जो बाद में एक छोटी गांठ (Epidermoid Cyst) बन जाता है।

5. पुरानी चोट या जोड़ों पर खिंचाव (Injury or Chronic Strain)

शरीर के किसी हिस्से पर अगर पुरानी चोट लगी हो या किसी जोड़ पर लगातार खिंचाव पड़ता हो, तो वहां लिक्विड जमा होने लगता है। जैसे कलाई या हाथ के जोड़ों के पास बनने वाली गांठ, जिसे मेडिकल में 'गैन्ग्लियन सिस्ट' कहते हैं।

6. जेनेटिक या आनुवंशिक कारण

कुछ लोगों में सिस्ट बनने की समस्या उनके परिवार या जीन्स (Genes) से जुड़ी होती है। अगर परिवार में किसी को बार-बार सिस्ट बनने की प्रवृत्ति रही हो, तो यह दूसरों में भी देखने को मिल सकती है।

सिस्ट के लक्षण कैसे पहचानें?

  • त्वचा के नीचे एक गोल, नरम या थोड़ा सख्त उभार दिखाई देना।
  • छूने पर गांठ का अपनी जगह से थोड़ा-बहुत हिलना।
  • गांठ वाले हिस्से में हल्का दर्द, खिंचाव या भारीपन महसूस होना।
  • अगर सिस्ट में इन्फेक्शन हो जाए, तो वहां लाली (Redness), बहुत तेज दर्द और गर्माहट महसूस होना।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।