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गैजेट्स का प्रयोग बना रहा आंखों को बीमार

इन दिनों लाइफस्टाइल बीमारियों की संख्या में जिस तरह से इजाफा हुआ है, गैजेट्स का लंबे समय तक उपयोग अहम कारण माना जा रहा है।
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Divya Sharma

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Oct 04, 2019

गैजेट्स का प्रयोग बना रहा आंखों को बीमार

गैजेट्स का प्रयोग बना रहा आंखों को बीमार

मोबाइल फोन से लेकर टेलीविजन और लैपटॉप के अत्यधिक इस्तेमाल से बड़ों से ज्यादा बच्चों की आंखों पर बुरा असर पड़ रहा है। 100 में से एक बच्चे में इस कारण एम्बलायोपिया की शिकायत होती है। इसमें बाहरी तौर पर तो आंखें स्वस्थ दिखती हैं लेकिन अंदरुनी तौर पर ये काफी कमजोर होती है जिससे देखने में समस्या आती है।
विटामिन-ए है अहम
गैजेक्ट्स के लंबे समय तक प्रयोग के अलावा नेत्र संबंधी परेशानियों की वजह खानपान में विटामिन-ए की कमी भी है। बच्चों के अलावा बड़ों को भी रंग बिरंगे फल व सब्जियां (अमरूद, सेब, पपीता, अनार, गाजर, शकरकंद, पालक, संतरा आदि) ज्यादा लेने चाहिएं। इनमें भरपूर विटामिन-ए होता है।
गैजेट्स सिर्फ 1 घंटे ही
गैजेक्ट्स का प्रयोग दिनभर में एक घंटे से ज्यादा नहीं होना चाहिए। कोशिश करें कि हर 15-20 मिनट के अंतराल में इन गैजेक्ट्स से दूरी बनाकर आंखों को आराम दें और पलकों को बार-बार झपकाएं।
एक्सपर्ट : डॉ. अनुराग सिंह, विभागाध्यक्ष, शिशु रोग विभाग, डॉ. एसएन कॉलेज, जोधपुर

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।