
फिजियोथैरेपी : गर्दन की अकडऩ होगी दूर
मौसम बदलने के दौरान जोड़ों व मांसपेशियों से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं। कमर, घुटने के अलावा गर्दन के मूवमेंट में भी दिक्कत होती है। मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने के लिए प्रोटीन युक्त आहार ज्यादा लें। साथ ही फिजियोथैरेपी भी अपना सकते हैं। ये एक्सरसाइज एक्सपर्ट से समझकर ही करें।
साइड मूवमेंट : गर्दन की हल्की-फुल्की एक्सरसाइज में गर्दन को बाएं से दाएं और दाएं से बाएं घुमाना अकडऩ में कमी लाता है।
अप-डाउन मूवमेंट : इस तरह से गर्दन से लेकर सिर तक हो रहे दर्द में आराम मिलता है। ये मूवमेंट तेज गति से कभी न करें।
फॉरवर्ड- बैकवर्ड मूवमेंट: इससे गर्दन और सिर के बीच की नसों में खिंचाव होने से लचीलापन आता है। साथ ही जकडऩ व दर्द में कमी आती है।
हैंड मूवमेंट : हाथों का जुड़ाव गर्दन से होता है। ऐसे में हाथों का हल्का मूवमेंट फायदेमंद है। यह फिजियोथैरेपी का कारगर विकल्प है।
डाउनवर्ड मूवमेंट : हथेलियों को सिर पर ले जाएं। दबाव ऐसे दें कि गर्दन सीने से छुए। गर्दन के पिछले भाग में खिंचाव होने से दर्द घटेगा।
लेफ्ट राइट मूवमेंट : एक बार दाईं ओर देखने और फिर बाईं ओर देखने की प्रक्रिया से गर्दन की सूक्ष्म नसों को आराम मिलेगा।
ध्यान रखें
लंबे समय तक गर्दन झुकाकर काम न करें। वजन उठाने के लिए पीठ के बजाय घुटने को सपोर्ट दें। बैठने के लिए बैकरेस्ट का प्रयोग करें। सोकर उठते ही दो मिनट पैर लटकाकर बैठें और पंजों का मूवमेंट करें। इससे अंदरूनी नसों का कार्य शुरू होगा, जिससे एकदम से खड़े होने पर दिक्कत नहीं होगी।
टेपिंग भी अच्छा उपाय
फिजियोथैरेपी तरीके से भी आराम नहीं मिले तो विशेषज्ञ से मिलकर टेपिंग उपाय अपनाएं। दर्द वाले भाग पर इलास्टिक टेप को इस तरह लगा देते हैं कि गर्दन एक ही अवस्था में स्थिर रहे। तौलिए को गर्म पानी में डुबाने के बाद निचोड़ें व प्रभावित हिस्से पर १० मिनट के लिए सेंक करें।
एक्सपर्ट : डॉ. इंद्रमणि उपाध्याय, सीनियर फिजियोथैरेपिस्ट, गाजियाबाद
Published on:
08 Nov 2019 01:20 pm
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