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इस मौसम में बिना शारीरिक गतिविधि के पसीना आता है तो गौर करें

आमतौर पर गर्मी के मौसम में ज्यादा पसीना आता है और सर्दी के मौसम में ऐसा सामान्य तौर पर नहीं होता है। हालांकि किसी प्रकार की शारीरिक गतिविधि अधिक करने पर इस मौसम में भी पसीना आ सकता है। जानें सामान्य तौर पर यदि सर्दी में पसीना आता है तो किन दिक्कतों की आशंका रहती है।
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Divya Sharma

•

Dec 27, 2019

इस मौसम में बिना शारीरिक गतिविधि के पसीना आता है तो गौर करें

इस मौसम में बिना शारीरिक गतिविधि के पसीना आता है तो गौर करें

पसीना आना शरीर की अहम प्रक्रिया है। शरीर के तापमान में संतुलन बनाए रखने का काम करता है पसीना। सामान्य तौर पर शरीर का तापमान 36.8 से 37.2 डिग्री सेंटीग्रेड या 98 से 98.8 डिग्री फैरनहाइट होना चाहिए। इस स्तर में थोड़ा बहुत उतार-चढ़ाव आना सामान्य है लेकिन ज्यादा स्तर ऊपर या नीचे हो जाए तो सतर्कता बरतें। सर्दी के मौसम में कुछ अहम वजहों से पसीना आता है। जैसे एक्सरसाइज करने के दौरान अंदरूनी अंगों का तापमान बढ़ जाता है जिसे कंट्रोल करने के लिए पसीना आता है। बेचैनी, घबराहट, चौंकना, तनाव, किसी प्रकार का डर या एकदम से ब्लड प्रेशर का स्तर असामान्य होने से खून की नलियों में रक्तसंचार तेज हो जाता है जो पसीने के रूप में दिखता है। इसके अलावा यदि थायरॉइड की बीमारी है तो टीएसएच लेवल के बढऩे से भी पसीना आता है।
शरीर की भिन्न प्रकृति
डॉ. सम्पूर्णानंद कॉलेज, जोधपुर के फिजिशियन डॉ. अरविंद जैन के अनुसार ज रूरी नहीं कि सर्दी के मौसम में पसीना न आए। हर व्यक्ति की शरीर की संरचना और प्रकृति अलग होती है। उनके व्यवसाय, उम्र, दिमागी कार्यक्षमता, भावनात्मक और कार्मिक स्तर में अंतर होता है। ऐसे में कुछ लोगों के शरीर का तापमान अधिक या कम भी हो सकता है। हो सकता है कि सर्दी के मौसम में भी किसी को जरूरत से ज्यादा पसीना आए। शरीर का तापमान 100-101 डिग्री फैरनहाइट या इससे ज्यादा हो तो सतर्क रहें।
तुरंत ये करें
ता पमान बढ़ता है तो एकदम ठंडे के बजाय सादा पानी में भीगे कपड़े से स्पंजिंग करें। वहीं शरीर का तापमान घटने पर यदि शरीर ठंडा पड़ जाए तो गर्म पानी में भीगी पट्टी को शरीर पर रखें। इसके अलावा कमरे में हीटर चला सकते हैं या कंबल ओढ़ सकते हैं। स्थिति में सुधार न हो तो सेकंड ओपिनियन लें।
ध्यान दें
अकारण यदि पसीना आए तो बिना लापरवाही बरते डॉक्टरी परामर्श जरूर लें। पहचान के बाद चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार इलाज लें ।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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