19 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

चोट लगने के बाद नाक का आकार बदल गया? हो सकता है Saddle Nose, क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें इसके लक्षण

Saddle Nose Cause: नाक पर चोट के बाद क्या सैडल नोज की समस्या हो सकती है? क्लीवलैंड क्लिनिक और साइंसडायरेक्ट से जानिए सेप्टल हेमेटोमा से बचाव, चोट के तुरंत बाद किए जाने वाले ईएनटी ट्राइएज स्टेप्स और नाक की कार्टिलेज को गलने से बचाने के जरूरी उपाय।
2 min read
Google source verification

भारत

•

image

Nidhi Yadav

•

Oct 19, 2026

nose injury to prevent septal hematoma and saddle nose deformity

नाक पर चोट लगने के बाद शुरुआती 24 से 48 घंटे बेहद अहम होते हैं। समय पर ईएनटी जाँच कराकर आप सैडल नोज जैसी गंभीर स्थिति से बच सकते हैं- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Saddle Nose Symptoms: खेलते समय, बाइक से गिरकर या किसी हादसे में नाक पर चोट लगना बहुत आम बात है। अक्सर लोग सूजन और खून बहना बंद होते ही मान लेते हैं कि सब ठीक हो गया। लेकिन कुछ हफ़्तों या महीनों बाद जब आप शीशे में चेहरा देखते हैं, तो नाक का ढांचा बदला हुआ नजर आता है। नाक का बीच का पुल (Nasal Bridge) अंदर की तरफ धंसा हुआ दिखता है। इसे मेडिकल की भाषा में 'सैडल नोज' (Saddle Nose) कहते हैं। अगर चोट के बाद आपकी नाक का नक्शा बदल रहा है या सांस लेने में दिक्कत आ रही है, तो इसे सिर्फ़ एक कॉस्मेटिक बदलाव समझने की गलती न करें। यह आपकी नाक के अंदरूनी कार्टिलेज के टूट कर गलने का साफ संकेत है। आइए जानते हैं कि इसके कारण और लक्षण क्या हैं, साथ ही इससे बचने के उपाय।

चोट के बाद दिखने वाले संकेत कौनसे हैं?

क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, नाक पर चोट लगने के बाद अगर आपको नीचे दिए गए संकेतों में से एक भी नज़र आए, तो इसे ट्राइएज इमरजेंसी मानकर तुरंत ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ को दिखाएं;

  • सामने या साइड से देखने पर नाक की बीच की हड्डी अंदर की ओर धंसी हुई दिखाई देना।
  • सांस लेने में लगातार रुकावट या सीटी जैसी आवाज आना।
  • नाक के अंदर की दीवार का फटना (Septal Perforation)।
  • नाक से लगातार बदबूदार पानी या खून आना।
  • नाक के अग्रभाग (Tip) का झुक जाना।

सैडल नोज क्यों बनती है?

साइंसडायरेक्ट के अनुसार, हमारी नाक की शेप को बनाए रखने का काम बीच की पतली दीवार करती है, जिसे नेजल सेप्टम कहते हैं। यह कार्टिलेज (नरम हड्डी) की बनी होती है। जब नाक पर तेज़ चोट लगती है, तो इस दीवार के आसपास खून जमा हो जाता है, जिसे सेप्टल हेमेटोमा (Septal Hematoma) कहते हैं। अगर इस जमे हुए खून को समय रहते डॉक्टर से बाहर न निकलवाया जाए, तो कार्टिलेज तक ऑक्सीजन और खून की सप्लाई बंद हो जाती है। नतीजतन, कुछ ही दिनों में यह नरम हड्डी अंदर ही अंदर गलकर नष्ट होने लगती है। जब सपोर्ट देने वाली दीवार ही ढह जाती है, तो नाक का ऊपरी हिस्सा नीचे धंस जाता है। चोट के अलावा, कुछ ऑटोइम्यून बीमारियां (जैसे वेजनेर्स ग्रैनुलोमैटोसिस) या नाक की पुरानी सर्जरी भी इसका कारण बन सकती हैं।

सैडल नोज होने पर आपको क्या करना चाहिए?

नाक पर सीधी चोट लगते ही किसी विशेषज्ञ से नाक के अंदरूनी हिस्से की जांच जरूर कराएं, ताकि जमे हुए खून का तुरंत पता चल सके। आकार बिगड़ने पर खुद से नाक को दबाकर सीधा करने की कोशिश बिल्कुल न करें, इससे कार्टिलेज को और नुकसान पहुंचेगा। अगर आकार बदल चुका है, तो रीस्ट्रक्चरिंग या 'सेप्टोप्लास्टी' (Reconstructive Surgery) के जरिए इसे ठीक किया जा सकता है। इसमें शरीर के दूसरे हिस्से (जैसे पसली या कान) से कार्टिलेज लेकर नाक के पुल को दोबारा उभारा जाता है।

सैडल नोज से बचने के लिए क्या उपाय अपना सकते हैं?

नाक की हड्डी के बैठने यानी सैडल नोज से बचने का सबसे पक्का तरीका है,चोट लगने के तुरंत बाद सही कदम उठाना;

  • नाक पर चोट लगते ही तुरंत ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ को दिखाएं।
  • खेलकूद के दौरान प्रोटेक्टिव गियर पहनें।
  • नाक के अंदरूनी इन्फेक्शन को हल्के में न लें।
  • ऑटोइम्यून या सूजन से जुड़ी बीमारियों का समय पर इलाज कराएं।
डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।