
बच्चों का लंगड़ाकर चलना या प्रभावित हाथ-पैर को बिल्कुल न हिलाना हड्डियों या जोड़ों के गंभीर इन्फेक्शन का इशारा हो सकता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
World Pediatric Bone and Joint Day: सुबह-सुबह बच्चा उठकर जमीन पर पैर रखने से मना कर दे, पैर में हल्का सा हाथ लगाने पर भी दर्द से चीख पड़े, या फिर अचानक लंगड़ाकर चलने लगे। ऐसे वक्त में हम लोग सोचते हैं कि खेलते-कूदते वक्त कोई मोच आ गई होगी या बच्चा बस नखरे कर रहा है। लेकिन क्लिनिकल ट्राइएज की नजर से देखें, तो बच्चों में यह लक्षण किसी मामूली चोट का नहीं, बल्कि हड्डियों या जोड़ों में छिपे किसी गंभीर इन्फेक्शन (जैसे ऑस्टियोमाइलाइटिस या सेप्टिक आर्थराइटिस) का शुरुआती संकेत हो सकता है। नेशनल डे कैलेंडर के अनुसार, हर साल 19 अक्टूबर को वर्ल्ड पीडियाट्रिक बोन एंड जॉइंट डे (World Pediatric Bone and Joint Day) के रूप में मनाया जाता है। आइए आज इस पर जानते हैं कि, माता-पिता के लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि बच्चों की हड्डियों और जोड़ों से जुड़े इन इशारों को कब और कैसे पहचाना जाए।
जॉन हॉपकिंस मेडिसिन के अनुसार, बच्चों के मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम (हड्डियों, जोड़ों और मांसपेशियों) से जुड़ी समस्याएं कई बार बहुत तेजी से फैलती हैं। अगर बच्चे में नीचे दिए गए लक्षण दिखें, तो इसे मेडिकल इमरजेंसी मानकर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें;
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक, छोटे बच्चों और नवजात शिशुओं की रक्त वाहिकाओं (Blood vessels) की बनावट ऐसी होती है कि हड्डियों का इन्फेक्शन बहुत आसानी से पास के जोड़ों तक फैल जाता है। अगर इन्फेक्शन (सेप्टिक आर्थराइटिस या ऑस्टियोमाइलाइटिस) की समय पर पहचान न हो, तो यह जोड़ों की कार्टिलेज और ग्रोथ प्लेट (हड्डी बढ़ने वाले हिस्से) को हमेशा के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इससे बच्चे की शारीरिक वृद्धि रुक सकती है, अंग छोटा-बड़ा हो सकता है या जोड़ों की गतिविधि हमेशा के लिए प्रभावित हो सकती है।
यदि आपका बच्चा अचानक ज़मीन पर पैर रखने से कतराए, किसी अंग को हिलाने पर रोए या बुखार के साथ चलने में असमर्थ महसूस करे, तो घरेलू नुस्खे अपनाने या पेनकिलर देने के बजाय तुरंत पीडियाट्रिक एक्सपर्ट की सलाह लें। वक्त पर सही ट्राइएज और इलाज न सिर्फ इन्फेक्शन को आगे फैलने से रोकता है, बल्कि बच्चे के भविष्य और उसकी सामान्य शारीरिक वृद्धि को भी सुरक्षित रखता है। याद रखें, आपकी सतर्कता ही आपके बच्चे को ताउम्र की किसी बड़ी शारीरिक समस्या से बचा सकती है।
Published on:
19 Oct 2026 08:00 am
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