
Tailor’s Bunion क्या होता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (source- Freepik)
Tailor’s Bunion Symptoms: अक्सर हम अपने हाथों-चेहरे या शरीर के बाकी हिस्सों का जितना ख्याल रखते हैं, पैरों की तरफ उतना ध्यान नहीं देते। कई बार काम की भागदौड़ में हम पैरों में हो रहे छोटे-मोटे दर्द या बदलावों को मामूली मानकर टाल देते हैं। लेकिन क्या कभी आपने गौर किया है कि आपके पैर की सबसे छोटी उंगली के बाहरी हिस्से पर कोई हड्डी बाहर की तरफ निकल आई है या वहां कोई दर्दभरी गांठ बन गई है? अगर हां, तो इसे सिर्फ जूता काटने की समस्या या आम सूजन समझकर नजरअंदाज करने की गलती बिल्कुल न करें। मेडिकल की भाषा में इस परेशानी को टैलर्स बनियन (Tailor’s Bunion) या बनियनेट (Bunionette) कहा जाता है। आइए समझते हैं कि यह बीमारी क्या है, क्यों होती है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, पैर के अंगूठे के पास एक बड़ी गांठ या हड्डी बाहर निकल आती है (जिसे बनियन कहते हैं), ठीक उसी तरह जब पैर की सबसे छोटी उंगली (पांचवीं उंगली) के जोड़ के पास बाहरी तरफ हड्डी का उभार बनने लगता है, तो उसे 'टैलर्स बनियन' कहते हैं। जब यह गांठ बनती है, तो छोटी उंगली अंदर की तरफ यानी बाकी उंगलियों की ओर मुड़ने लगती है और उसकी जड़ वाली हड्डी बाहर की तरफ छिलने या रगड़ खाने लगती है। जूते पहनने पर जब इस हिस्से पर बार-बार दबाव पड़ता है, तो वहां लालिमा, सूजन और तेज दर्द होने लगता है। इसका नाम टैलर्स बनियन (दर्जियों का बनियन) इसलिए पड़ा क्योंकि पुराने जमाने में दर्जी (Tailors) पूरे दिन जमीन पर आलथी-पालथी (Cross-legged) मारकर बैठा करते थे। इस तरह बैठने से उनके पैर के बाहरी हिस्से और छोटी उंगली की हड्डी पर लगातार दबाव पड़ता था, जिससे यह गांठ उभर आती थी।
वेबएमडी (WebMD) की रिपोर्ट्स के मुताबिक, टैलर्स बनियन होने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। कई बार यह हमारी आदतों से जुड़ा होता है, तो कई बार यह जन्मजात भी हो सकता है;
शुरुआत में यह सिर्फ एक मामूली उभार और हल्का दर्द जैसा लगता है। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है और आप टाइट जूते पहनना जारी रखते हैं, यह गांठ और बड़ी होती जाती है। आगे चलकर यह दर्द इतना बढ़ सकता है कि आपका बिना जूते के पैदल चलना, दौड़ना या सामान्य जूते पहनना भी मुश्किल हो जाएगा। कई बार इस हिस्से में इंफेक्शन (संक्रमण) होने का खतरा भी बढ़ जाता है, खासकर उन लोगों में जिन्हें डायबिटीज (मधुमेह) की बीमारी है।
इससे बचाव और आराम पाने के उपाय
अगर जूते बदलने, पैड लगाने और सिकाई करने के बाद भी आपका दर्द कम नहीं हो रहा है, गांठ का आकार लगातार बढ़ रहा है या आपको चलने-फिरने में ज्यादा परेशानी हो रही है, तो तुरंत किसी ऑर्थोपेडिक या फुट स्पेशलिस्ट (Podiatrist) को दिखाएं। डॉक्टर एक्सरे (X-ray) करके पैर की हड्डी की सही स्थिति देखते हैं। गंभीर मामलों में, जहां दर्द बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होता, वहां डॉक्टर सर्जरी के जरिए उस बढ़ी हुई हड्डी को ठीक करने की सलाह देते हैं।
Updated on:
12 Sept 2026 09:26 am
Published on:
12 Sept 2026 09:26 am
