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Ureteral Obstruction: पेशाब करने में दिक्कत और कम यूरिन आना? यूरिएटरल ऑब्स्ट्रक्शन हो सकती है वजह, मेयो क्लिनिक से जानें लक्षण

Ureteral Obstruction Cause: क्या आपको भी पेशाब करने में दर्द, जलन या कम यूरिन आने की समस्या है? यह यूरिएटरल ऑब्स्ट्रक्शन का संकेत हो सकता है। क्लीवलैंड क्लिनिक और मेयो क्लिनिक से जानें कि ऐसा किस कारण से होता है? इसके लक्षण और बचाव के उपाय क्या हैं?
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भारत

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Nidhi Yadav

Aug 20, 2026

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बार-बार पेशाब करने में दिक्कत क्यों होती है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Ureteral Obstruction Prevention: अक्सर हम शरीर के छोटे-छोटे इशारों को अनदेखा कर देते हैं। पेशाब करते समय हल्का दर्द होना, बार-बार टॉयलेट जाने की इच्छा होना लेकिन पेशाब कम आना, या फिर यूरिन रुक-रुक कर आना इन संकेतों को आमतौर पर लोग सिर्फ पानी की कमी या सामान्य इंफेक्शन समझकर टाल देते हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, यह परेशानी बनी हुई है, तो यह आपकी किडनी और मूत्राशय (ब्लैडर) के बीच किसी रुकावट का इशारा हो सकती है। ये 60 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों में अधिक आम हैं क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ उनका प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार बढ़ जाता है। मेडिकल साइंस में इस स्थिति को यूरिएटरल ऑब्स्ट्रक्शन (Ureteral Obstruction) कहा जाता है। आइए समझते हैं कि यह बीमारी क्या है, क्यों होती है और इससे कैसे बचा जा सकता है।

क्या है यूरिएटरल ऑब्स्ट्रक्शन?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, हमारे शरीर में दो किडनियां होती हैं, जो खून को साफ करके पेशाब (यूरिन) बनाती हैं। इस यूरिन को किडनी से निकालकर ब्लैडर (जहां पेशाब जमा होता है) तक पहुंचाने का काम दो पतली नलियां करती हैं। इन नलियों को यूरिएटर (Ureter) कहा जाता है। जब इन दोनों में से किसी भी नली में किसी वजह से रुकावट आ जाती है या वे सिकुड़ जाती हैं, तो यूरिन सही तरीके से ब्लैडर तक नहीं पहुंच पाता। इस स्थिति को यूरिएटरल ऑब्स्ट्रक्शन कहते हैं। जब पेशाब आगे नहीं बढ़ पाता, तो वह वापस किडनी में भरने लगता है। इससे किडनी में सूजन आ सकती है, जिसे हाइड्रोनेफ्रोसिस कहते हैं। अगर समय रहते इसका इलाज न कराया जाए, तो यह किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

शरीर में दिखाई देने वाले मुख्य लक्षण

  • पेशाब कम आना या बार-बार आना
  • पेशाब के दौरान दर्द या जलन।
  • पीठ या पसलियों के नीचे दर्द।
  • पेशाब का रंग बदलना।
  • पैरों में सूजन।
  • बुखार और उल्टी।

यूरिएटरल ऑब्स्ट्रक्शन होने की मुख्य वजहें

  • किडनी स्टोन (पथरी)।
  • खून का थक्का (Blood Clots)।
  • ट्यूमर या गांठ।
  • प्रोस्टेट का बढ़ना।
  • अंदरूनी सूजन या स्कार टिश्यू।
  • जन्मजात कारण।

बचाव के आसान उपाय क्या हैं?

  • दिन में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं।
  • जब भी यूरिन की इच्छा हो, तुरंत जाएं।
  • नमक और जंक फूड कम करें।
  • अगर पेशाब में थोड़ी भी जलन या दर्द हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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