
सांकेतिक इमेजः Gemini
रोज जिम जाना, ट्रेडमिल पर पसीना बहाना और एक्सरसाइज करना, इसके बावजूद अगर वजन या पेट की चर्बी कम नहीं हो रही है तो इसकी एक वजह आपकी डाइट हो सकती है। कई बार लोग वर्कआउट पर तो पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन दिनभर में कितनी कैलोरी ले रहे हैं, इसका हिसाब नहीं रखते। ऐसे में अनजाने में शरीर की जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेने लगते हैं। इसे कैलोरी सरप्लस कहा जाता है।
कैलोरी सरप्लस का मतलब है कि आप दिनभर में जितनी कैलोरी भोजन और पेय पदार्थों से ले रहे हैं, वह आपके शरीर की खर्च की गई कैलोरी से ज्यादा है। शरीर को रोजाना सांस लेने, पाचन, चलने-फिरने और दूसरी गतिविधियों के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है। जब लंबे समय तक शरीर को जरूरत से ज्यादा ऊर्जा मिलती है, तो अतिरिक्त ऊर्जा का कुछ हिस्सा फैट के रूप में जमा हो सकता है।
यही वजह है कि केवल जिम जाने या ट्रेडमिल पर दौड़ने से वजन कम होने की गारंटी नहीं होती। वजन घटाने के लिए खान-पान और शारीरिक गतिविधि, दोनों के बीच संतुलन जरूरी है।
कई लोग वजन कम करने के दौरान तली-भुनी चीजें और मिठाइयां तो छोड़ देते हैं, लेकिन हेल्दी माने जाने वाले खाद्य पदार्थों की मात्रा पर ध्यान नहीं देते। नट्स, पीनट बटर, ड्राई फ्रूट्स, स्मूदी, प्रोटीन शेक और एनर्जी बार पौष्टिक हो सकते हैं, लेकिन इनमें कैलोरी भी काफी हो सकती है।
उदाहरण के लिए, मुट्ठीभर बादाम या अखरोट पोषण देते हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा खाने पर रोजाना की कैलोरी बढ़ सकती है। इसी तरह स्मूदी में फल, दूध, शहद, नट्स और पीनट बटर मिलाने से उसकी कुल कैलोरी काफी बढ़ सकती है।
इसलिए किसी खाद्य पदार्थ को हेल्दी समझकर उसकी मात्रा को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
पेट कम करने के लिए कई लोग रोजाना क्रंचेज, प्लैंक और दूसरी एब्स एक्सरसाइज करते हैं। ये अभ्यास पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं, लेकिन केवल पेट की एक्सरसाइज करने से उसी हिस्से की चर्बी अलग से कम नहीं होती।
शरीर में फैट कम होने की प्रक्रिया पूरे शरीर में होती है। इसके लिए संतुलित खान-पान, नियमित शारीरिक गतिविधि और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को दिनचर्या में शामिल करना उपयोगी हो सकता है।
1. खाने की मात्रा पर ध्यान दें: दिनभर में क्या और कितना खा रहे हैं, इसका रिकॉर्ड रखें। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि अनजाने में अतिरिक्त कैलोरी कहां से मिल रही है।
2. प्रोटीन और फाइबर लें: दाल, दूध-दही, पनीर, फल, सब्जियां और साबुत अनाज को संतुलित मात्रा में शामिल करें। प्रोटीन और फाइबर पेट भरा रखने में मदद कर सकते हैं।
3. मीठे पेय कम करें: सॉफ्ट ड्रिंक, पैकेट वाले जूस, मीठी चाय-कॉफी और शक्कर वाले पेय से अतिरिक्त कैलोरी मिल सकती है। इनका सेवन सीमित रखें।
4. कार्डियो के साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें: पैदल चलना, साइकिल चलाना या तैराकी जैसी गतिविधियों के साथ मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम भी करें। अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार व्यायाम चुनें।
5. दिनभर सक्रिय रहें: केवल जिम में एक घंटा बिताना पर्याप्त नहीं है। लंबे समय तक बैठे रहने से बचें। छोटे-छोटे अंतराल पर चलें और रोजमर्रा के कामों में शारीरिक गतिविधि बढ़ाएं।
6. वजन और कमर दोनों मापें: वजन के साथ कमर की चौड़ाई पर भी नजर रखें। शरीर में बदलाव समझने के लिए नियमित अंतराल पर एक ही तरीके से माप लें।
वजन कम करने के लिए बहुत कम खाना, भोजन छोड़ना या अचानक बेहद कठिन एक्सरसाइज शुरू करना सही तरीका नहीं है। इससे कमजोरी, पोषण की कमी और दूसरी परेशानियां हो सकती हैं। धीरे-धीरे और टिकाऊ बदलाव करना बेहतर रहता है।
अगर खान-पान और व्यायाम में बदलाव के बावजूद वजन लगातार बढ़ रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लें। कुछ स्वास्थ्य स्थितियां और दवाएं भी वजन बढ़ने में भूमिका निभा सकती हैं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर जांच की सलाह दे सकते हैं।
( डिस्क्लेमरः यह लेख सामान्य जानकारी पर आधारित है और डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। महत्वपूर्ण निर्णयों से पहले और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ या डॉक्टर से संपर्क करें।)
Updated on:
2 Nov 2026, 2:04 PM IST
Published on:
2 Nov 2026, 2:04 PM IST
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