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आपकी ऑफिस की कुर्सी भी आपको बीमार करने में जिम्मेदार है। इससे निपटने के लिए कई असरदार उपाय मौजूद हैं। आइए जानते हैं, कैसे अपनी कुर्सी और बैठने की आदतों को सुधारकर आप अपनी सेहत बचा सकते हैं।
ऑफिस कर्मचारी औसतन 6 से 8 घंटे एक शिफ्ट में बैठते हैं। इससे गर्दन, कमर और कंधों में दर्द की शिकायत आम है। लंबे समय तक बैठने से थकान, काम में असंतोष, उच्च रक्तचाप, और मांसपेशियों व जोड़ों में समस्या भी बढ़ती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की गाइडलाइन बताती है कि दिन में 8 घंटे से अधिक बैठना हृदय रोग, कैंसर और टाइप‑2 डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकता है।
गलत मुद्रा और अनकंफर्टेबल कुर्सी से मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ता है। शोध बताते हैं कि गलत बैठने की मुद्रा विशेषकर गर्दन और कमर में समस्या पैदा करती है, और सांस लेने की प्रक्रिया पर भी असर डालती है।
कनाडा की एक एजेंसी (CCOHS) बताती है कि एक अच्छी एर्गोनोमिक कुर्सी में ऊंचाई समायोज्य होनी चाहिए, जिससे पैरों और घुटनों के बीच 90° या उससे थोड़ा अधिक कोण बना रहे। साथ ही कुर्सी में कमर का सहारा होना चाहिए और पैर जमीन पर आराम से टिकने चाहिए।
NIOSH (CDC की एक शाखा) सलाह देती है कि कुर्सी में हाथ रखने की जगह (armrests) होनी चाहिए, जिससे कूल्हे और घुटने 90° या उससे अधिक कोण पर रहें। अगर पैर जमीन तक नहीं पहुंचते, तो फुटरेस्ट का उपयोग करें। साथ ही समय-समय पर खड़े होकर काम करना भी लाभदायक है।
हर घंटे बैठने की स्थिति बदलने (जैसे खड़े होना या चलना) से मस्कुलोस्केलेटल डिसऑर्डर (MSD) का जोखिम कम हो सकता है। साथ ही सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम से तीव्र व्यायाम (MVPA) करना भी फायदेमंद है।
अगर दर्द लगातार बना रहे या नींद व आराम से राहत न मिले, तो किसी फिजियोथेरेपिस्ट या ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से सलाह लें। वे आपकी मुद्रा, कुर्सी और कार्यस्थल का आकलन कर उचित व्यायाम और सहायता दे सकते हैं।
Updated on:
31 Oct 2026, 12:12 PM IST
Published on:
31 Oct 2026, 12:12 PM IST
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