28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ये कार्य बदल कर रख देंगे आपका भाग्य! शनिवार को ये करें

ये उपाय जो बदल कर रख देंगे आपका भाग्य...
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Deepesh Tiwari

•

Updated: 2 May 2020, 9:20 AM IST

special-upay

traditional remedies which can change your LUCK

जीवन में कुछ भी ऐसा हो जिसे हम नहीं चाहते तो हम अपने भाग्य को कोसना शुरु कर देते हैं। वहीं जीवन में कभी-कभी भाग्य बिल्कुल भी साथ नहीं देता, ऐसे में न चाहते हुए भी बहुत संघर्ष करना पड़ता है, जबकि दुर्भाग्य निरंतर पीछा करता रहता है।

वहीं आज के दौर में हर व्यक्ति अपनी तरह से जल्द से जल्द और ज्यादा से ज्यादा धन कमाने का अथक प्रयास करता है। ऐसे में जहां कुछ व्यक्ति सफल होते हैं तो वहीं कुछ इसमें असफल रहते हैं। पंडित सुनील शर्मा के अनुसार ऐसी परिस्थिति से निजात पाने के लिए कुछ पारंपरिक सरल उपाय हैं, जिनके संबंध में मान्यता है कि इन्हें आजमाने से अवश्य फल प्राप्त होगा।

MUST READ :गाय के बछड़े को खिलाएं तेल का पराठा, शनिदेव होंगे प्रसन्न!

: शनिवार को अपने पलंग के नीचे एक बर्तन में सरसों का तेल रखें। मान्यता है कि अगले दिन उस तेल में उड़द की दाल के गुलगुले बनाकर कुत्तों और गरीबों को खिलाने से गरीबी दूर होती है और लक्ष्मी का आगमन होता है।

ये भी हैं खास...

: महीने के पहले बुधवार को रात में कच्ची हल्दी की गांठ बांधकर भगवान कृष्ण को अर्पित करें। अगले दिन उसे पीले धागे में बांधकर अपनी दाहिनी भुजा में बांध लें।

: नियमित रूप से केले के पेड़ में जल ‍अर्पित करने और घी का दीपक जलाने से दरिद्रता दूर होती है।

: भोजन करने से पहले कुत्ते या गाय के लिए एक रोटी निकाल दें। आपको कभी भी आर्थिक समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।

MUST READ : शनिदेव का दिन है खास, जानें क्या करें और क्या न करें

: अपनी तिजोरी में 9 लक्ष्मीकारक कौड़ियां और एक तांबे का सिक्का रखने से आपकी तिजोरी में धन हमेशा भरा रहेगा।

: गूलर की जड़ को कपड़े में लपेटकर, चांदी के कवच में डालकर गले में पहनने से भी आर्थिक संपन्नता आती है।

: प्रत्येक गुरुवार को तुलसी के पौधे में दूध अर्पित करने से आर्थिक संपन्नता में वृद्धि होती है।

: शुक्ल पक्ष की पंचमी को घर में श्रीसूक्त की ऋचाओं के साथ आहुति देने से भी दरिद्रता दूर होती है।