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दो बच्चों की मां का फिर कमाल: अबकी बार गुजरात से अरुणाचल तक साइकिल चलाकर बनाया रिकॉर्ड

दो बच्चों की 45 वर्षीय मां प्रीति मस्के ने अकेले साइकिल चलाकर 14 दिनों में गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक लगभग 4000 किलोमीटर की दूरी तय किया। इस दौरान उनको रास्ते में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से असम और अरुणाचल प्रदेश में, जिसकी कुल ऊंचाई 15,679 मीटर थी।
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नई दिल्ली

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Shaitan Prajapat

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Updated: 22 Nov 2022, 10:00 AM IST

preeti maske

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दो बच्चों की 45 वर्षीय मां प्रीति मस्के ने एक बार फिर कमाल करते हुए एक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। मस्के ने साइकिल से 14 दिन में गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक करीब 4000 किलोमीटर की दूरी तय कर रेकॉर्ड बना दिया। पुणे की प्रीति ने एक नवंबर को पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा पर बने कोटेश्वर मंदिर से अपना सफर शुरू किया और गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम होते हुए अरुणाचल प्रदेश पहुंचीं। इतना लंबा सफर करने वाली वह देश की पहली एकल साइकिल चालक है। प्रीति मस्के को अरुणाचल प्रदेश में चीन की सीमा के पास किबिथू पहुंचने में 13 दिन, 19 घंटे और 12 मिनट लगे। सीमा सड़क संगठन ने प्रीति को रसद और नौवहन सहायता प्रदान की, जिससे उन्हें अभियान पूरा करने में मदद मिली।


इससे पहले प्रीति ने लेह से मनाली का सफर 60 घंटे में पूरा किया था। सबसे तेज साइकिल चलाने के रेकॉर्ड के लिए उनका नाम गिनीज बुक में दर्ज है। प्रीति ने बीमारी और अवसाद से उबरने के लिए पांच साल पहले साइकिल चलाना शुरू किया था। मस्के ने 14 नवंबर की आधी रात को अरुणाचल प्रदेश में चीन की सीमा के पास किबिथू पहुंचने के लिए 13 दिन, 19 घंटे और 12 मिनट में अपनी 3995 किलोमीटर की सवारी पूरी की।


मस्के के पीछे एक वाहन में पांच सदस्यीय चालक दल भी चल रहा था। उन्हें रास्ते में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, विशेष रूप से असम और अरुणाचल प्रदेश में, जिसकी कुल ऊंचाई 15,679 मीटर थी। बिहार के दरभंगा से तेज हवा चलने के कारण इन जोखिम भरे क्षेत्रों में साइकिल चलाना कठिन था। अरुणाचल प्रदेश में तेजू के बाद, मार्ग ऊंचाई, खराब सड़कों, बोल्डर और निर्माण कार्य के साथ जोखिमभरा है। उन्होंने कहा कि लगातार 19 घंटे और कभी-कभी 24 घंटे से अधिक समय तक साइकिल चला रही थी। यह कॉफी थी, जिसने मुझे जगाए रखा।


प्रीति मस्के ने बीमारी और अवसाद से निपटने के लिए पांच साल पहले साइकिल चलाना शुरू किया था। वर्ल्ड अल्ट्रा साइक्लिंग एसोसिएशन और गुइनेस वर्ल्ड रिकॉर्ड द्वारा कागजी कार्रवाई, साक्ष्य, टाइम स्टैम्प चित्र प्रस्तुत और स्वीकार किए गए हैं।