28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बोतल से ‘पानी’ पीते ही बच्ची के मुंह से निकलने लगा धुआं, हालत देख खिसक गई मां के पैरों तले जमीन

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक महिला की गलती से उसकी बच्ची जिंदगी की जंग लड़ने को मजबूर है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Vinay Saxena

•

Updated: 3 Oct 2018, 5:45 PM IST

omg

बोतल से 'पानी' पीते ही बच्ची के मुंह से निकलने लगा धुआं, हालत देख खिसक गई मां के पैरों तले जमीन

नई दिल्ली: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक महिला की गलती से उसकी बच्ची जिंदगी की जंग लड़ने को मजबूर है। दरअसल, मां ने गलती से अपनी बच्ची को पानी की जगह टॉयलेट क्नीनिंग एसिड पिला दिया। दो घूंट पीने के बाद बच्ची ने चीखना शुरू कर दिया और उसके मुंह से धुआं निकलने लगा। बच्ची की हालत देखते ही मां-बाप हैरान रह गए।

बिस्किट खाने के बाद बच्ची ने मां से मांगा था पानी


मामला बेंगलुरु के चिन्नापनाहल्ली इलाके का है। बिहार के रहने वाले एक मजदूर दंपती अपने एक दोस्त के नए घर की पूजा में शामिल होने गए थे। इस दौरान महिला जेमिनी देवी ने अपनी बेटी को बिस्किट खिलाया। प्यास लगने पर बच्ची ने अपनी मां से पानी मांगा। उसने घर में रखी एक बोतल में बच्ची को दे दी। उसने जैसे ही बोतल से दो घूंट लिक्विड मुंह में डाला वैसे ही वह चीखने लगी। बच्ची के मुंह से धुआं निकलने लगा। बच्ची हालत देखकर मां-बाप सकते में आ गए। अचानक बच्ची की हालत इतनी खराब होने लगी कि उसकी सांसें उखड़ने लगी।

वेंटिलेटर पर है बच्ची, की जाएगी सर्जरी


इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि बच्ची को वेंटिलेटर पर रखा गया और वह डॉक्टरों की निगरानी में है। डॉक्टर के मुताबिक, बच्ची के फूड पाइप और सांस लेने वाली नली में नुकसान हुआ है। बच्ची की आंतों का ऊपरी हिस्सा ठीक होने में करीब चार हफ्ते का समय लगेगा। इसके बाद फूड पाइप को चौड़ा करने के लिए सर्जरी की जाएगी।

पानी की तरह दिख रहा था एसिड

बच्ची के पिता जयराज ने बताया कि बोतल आधी खाली थी और उसमें भरा एसिड पानी की तरह दिख रहा था। इसी वजह से उसकी पत्नी को धोखा हो गया। जब बच्ची ने चीखना-चिल्लाना शुरू किया तब हमें गलती का अहसास हुआ। बता दें, जयराज का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। इसलिए इलाज के लिए क्राउड फंडिंग मुहिम शुरू की है।