1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सांई बाबा के जन्म स्थान को लेकर खड़ा हुआ विवाद, लोगों में आक्रोश

Shirdi Controversy : महाराष्ट्र सरकार की ओर से पाथरी गांव को बताया गया सांई का जन्म स्थल गांव के विकास के लिए करोड़ों का बजट भी किया गया पास
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Soma Roy

•

Updated: 17 Jan 2020, 3:25 PM IST

Shirdi Controversy

Shirdi Controversy

नई दिल्ली। यूं तो पूरी दुनिया में सांई बाबा के मुख्य धाम में शिरडी (Shirdi) का नाम सबसे पहले आता है। मगर हाल ही में महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी किए गए एक नए बयान से सांई (Sai Baba) के जन्म स्थान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इससे लोगों में काफी गुस्सा है।

प्रिंस हैरी को मिला बर्गर कंपनी से जॉब ऑफर, लोगों ने दिए फनी रिएक्शन

बताया जाता है कि उद्धव ठाकरे सरकार ने परभणी के समीप स्थित पाथरी गांव (Pathri VIllage) को साई की जन्मस्थली (birth place) बताया है। गांव के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा भी की है। इससे जहां पाथरी के लोग काफी खुश हैं। वहीं इस बात से
अहमदनगर जिले के शिरडी के लोगों संतुष्ट नहीं है।

शिरडी ट्रस्ट (Shirdi Sai Trust) के एक सदस्य के अनुसार सांई की कर्मस्थली शिरडी है। उनके जन्मस्थान को लेकर कोई पुख्ता प्रमाण नहीं हैं। ऐसे में उनके जन्म स्थान को लेकर दिया गया बयान लोगों की भावनाओं को आहत करता है। ये लोगों में भेद-भाव पैदा कर सकता है। चूंकि सांई बाबा को आखरी बार शिरडी में ही देखा गया इसलिए वहीं उनकी असली भूमि है। अगर सरकार पाथरी गांव का विकास करना चाहती है तो इसमें शिरडी के लोगों को कोई आपत्ति नहीं है। मगर शिरडी से मुंह मोड़ना सही नहीं है।