
इंदौर. सोमवार को गणेश विसर्जन के दौरान जवाहर टेकरी में गणेश प्रतिमाओं को खदान में फेंक दिया गया. इसका VIDEO वायरल हो गया जिससे हड़कंप मच गया। कांग्रेस और BJP ने समान रूप से इस घटना की निंदा की और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी। अब इस मामले में लिप्त नगर निगम के कर्मचारियों पर गाज गिर गई है. मामले में निगम ने अपने कर्मचारियों पर FIR भी कराई है.
नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा सोमवार को लापरवाही करते हुए गणेश प्रतिमाओं को खदान में ही विसर्जित कर दिया गया था। इस मामले का वीडियो भी वायरल हो गया. जैसे ही यह VIDEO और मामला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जानकारी में आया वैसे ही लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई कर दी गई. निगम ने आनन-फानन में अपने 7 मस्टर कर्मियों को बर्खास्त (सेवा समाप्त) कर दिया. सोमवार की रात को ही ये आदेश जारी कर दिए गए थे.इसके साथ ही दो कर्मचारियों को भी सस्पैंड किया गया है।
अब इस मामले में निगम ने कर्मचारियों पर FIR भी दर्ज करवा दी है। मंगलवार को सुबह 9 बजे निगम के अपर आयुक्त अभय राजगांवकर मंगलवार ने चंदन नगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। यहां मस्टरकर्मी हेमराज, सुनील लक्ष्मीनारायण, करण मोहनलाल, राजू शंकरलाल, कर्मचारी राजेश रामाजी, मुकेश कालूराम, लखन रामफूल व सुपरवाइजर चंद्रशेखर यादव तथा अविनाश देशमुख के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
अधिकारियों ने बताया कि निगम के 2 सुपरवाईजर और 7 मस्टरकर्मी पर कार्रवाई की गई है। नगर निगम से इन सभी की सेवाएं समाप्त की गई हैं। वहीं निगम के दो अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया है। कमिश्नर प्रतिभा पाल ने इस मामले में सभी संलिप्त कर्मचारियों और अधिकारियों की सेवाएं समाप्त करने की पुष्टि की है।
बताया जाता है कि निगम के वरिष्ठ अधिकारियों को विसर्जन के समय यहीं मौजूद रहना था, लेकिन वे मौके से गायब हो गए थे। ड्यूटी से लापरवाही करने के आरोप में जोन 13 के जोनल अधिकारी ब्रजमोहन भगोरिया और कार्यक्रम अधिकारी शैलेष पाटोदी को पद से हटा दिया गया है। BJP सांसद शंकर लालवानी ने भी मामले में कलेक्टर मनीष सिंह और नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल से कार्रवाई की मांग की थी.
Published on:
21 Sept 2021 01:37 pm
