
Dry Fruits Benefits
इंदौर. अफगानिस्तान में छाए संकट के चलते वहां से आने वाले ड्रायफूट (सूखे मेवे) महंगे हो गए हैं। त्योहारी सीजन के चलते सभी तरह के ड्रायफूट की मांग बनी हुई है, लेकिन अफगानी मेवे बाजार में नहीं मिल रहे हैं। कई व्यापारियों के ऑर्डर अटक गए हैं। आगे स्थिति साफ नहीं है कि कब तक मंडियों में मेवे पहुंचेंगे।
थोक कारोबारियों के मुताबिक,अफगानिस्तान में हालात जल्द नहीं सुधरे तो दिवाली तक ड्रायफ्रूट की आवक पूरी तरह बंद हो जाएगी। बीते दो महीने में अफगानी ड्रायफ्रूट के भाव में 25 से 30 फीसदी की तेजी आ चुकी है। थोक किराना व्यापारी पराग मालवीय ने बताया कि अफगानिस्तान से ड्रायफ़ूट सीधे दिल्ली आते हैं। वहां से अन्य राज्यों और बाजारों में पहुंचते हैं।
ये मेवे आते हैं भारत
अफगान से सूखे मेवे अंजीर किशमिश कंधारी, मुनक्का, जर्दालू, पिस्ता पिशौरी, पिस्ता हैराती, सितारभाई बादाम प्रमुख रूप से आते हैं। थोक किराना कारोबारी अशोक जैन का कहना है कि इस समय तरह के ड्रायफ़ूट की मांग बनी हुई है, लेकिन अफगानी ड्रायफ्रूट का स्टॉक खत्म होता जा रहा है। बड़े कारोबारियों ने जो ऑर्डर दिए थे, उसे लेकर दिल्ली के व्यापारी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं।
मेवों पर तालिबानी महंगाई
कंधारी किशमिश में 120 रुपये तक की तेजी आ गई है अब यह 450 रुपयए तक बिक रही है। वही पिस्ता में 250 रुपये की तेजी देखी जा रही है अब यह 2 हजार रुपये में मिल रहा है। अफगानी मुनक्का में भी 150 रुपये का उछाल देखने को मिल रहा है अब यह 520 रुपये तक बिक रहा है। शाहजीरा में 100 रुपये की तेजी के बाद 520 रुपये में मिल रहा है वही अंजीर में 250 रुपये का उछाल आ गया है अब यह 1100 रुपये में मिल रह है और सितार भाई बादाम भी 150 रुये का उछाल आ गया है अब यह 1200 रुपये तक में बिक रहा है।
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Published on:
19 Aug 2021 09:57 am
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