
कांग्रेस नेता के भाई की तलाश में कई जगह छापेमारी, गृह मंत्री ने दिए ये निर्देश
इंदौर. अवैध डिब्बा कारोबार के लेन-देन में एक युवक को बंधक बनाकर उस पर जानलेवा हमला करने वाले कांग्रेस नेता के भाई रानू अग्निहोत्री की रिवाल्वर का लाइसेंस अब पुलिस निरस्त करवाएगी। कारण है कि आत्मरक्षा के लिए मिले लाइसेंस का रानू गलत इस्तेमाल कर रहा है। उस पर पहले भी रिवाल्वर से धमकाने के आरोप लग चुके हैं।
गुरुवार रात रानू ने फिर व्यापारी भरत ङ्क्षसघल को बंधक बनाकर पीटा और साथियों के साथ मिलकर जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस ने उसके एक साथी विनोद जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। रानू की तलाश में पुलिस की टीम ने रात में कई जगह दबिश दी। रानू घर छोडक़र भाग गया है। रानू के पकड़ाने के बाद पुलिस उसका जुलूस भी निकाल सकती है। मुख्तियार की तरह ही अब रानू का खौफ भी लोगों से कम करने के लिए पुलिस प्रयास करेगी।
एसपी ने एसआई को दिए थे सजा के तीन विकल्प
संयोगितागंज थाने पर रात में भरत के साथ मारपीट मिलने की सूचना मिलने के बाद पीएसआई अक्षय कुशवाह ने बयान ले लिए, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की। इस पर एसपी यूसुफ कुरैशी ने पीएसआई को जमकर फटकार लगाई और सजा सुनाई। एसपी कुरैशी ने पीएसआई को कहा कि तुम्हें तीन विकल्प देता हूं या तो सस्पेंड हो जाओ, लूप लाइन में चले जाओ या फिर 10 हजार का अर्थदंड भर दो। पीएसआई ने कहा कि साहब गलती हो गई, मुझे माफ कर दो तो एसपी बोले- चौथा विकल्प तो है ही नहंीं। इसके बाद पीएसआई ने 10 हजार रुपए अर्थदंड करने का विकल्प चुना।
गृह मंत्री के निर्देश- किसी को न बख्शें
थाना प्रभारी संयोगितागंज नरेंद्रसिंह रघुवंशी ने बताया कि हमने रानू अग्निहोत्री के साथी आरोपित विनोद जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। रानू की तलाश में टीम लगी है। रानू की पिस्टल के लाइसेंस की जानकारी निकाली जा रही है, उसे भी निरस्त करवाया जाएगा।
उधर, मामला सामने आने के बाद बड़े अधिकारी मामले में नजर रखे हुए हैं। पुलिस अधिकारियों ने फरियादी भरत सिंघल से भी कहा है कि किसी भी तरह से कोई डराए-धमकाए तो सीधे हमें शिकायत करें। किसी से डरने की जरूरत नहीं है। पूर्व में गृहमंत्री बाला बच्चन भी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं कि अपराध करने वाला कोई भी हो, किसी भी पार्टी या संगठन का हो, पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करे।
पुराने मामलों की भी होगी जांच, पुलिस कर रही तैयारी
उधर, अब रानू का यह कृत्य सामने आने के बाद मुख्तियार की तरह उसके भी पुराने मामलों को खोलने की पुलिस तैयारी कर रही है। फरियादी भरत सिंघल ने पुलिस को बताया है कि रानू अवैध रूप से डिब्बा कारोबार करता है। पूर्व में भी रानू का अवैध लेन-देन को लेकर विवाद हो चुका है। ऐसे में समय रहते अगर कार्रवाई नहीं की गई तो शहर में बड़ी घटनाएं सामने आ सकती हैं।
गौरतलब है कि शहर में बड़े पैमाने पर अवैध डिब्बा कारोबार संचालित होता है। इसमें कई नामी और सफेदपोश लोग शामिल हैं। एडवाईजारी कंपनियों पर कार्रवाई कर रही पुलिस की टीम अब डिब्बा कारोबारियों पर भी नजर रख रही है। जल्द ही डिब्बा कारोबार के अवैध व्यापार को खत्म किया जाएगा। कारण है कि हर साल कई लोग इसमें डूब कर आत्महत्या के कदम उठा लेते हैं। रानू जैसे लोग पैसे नहीं देने वाले लोगों को धमकाते हैं, ताजा मामला भी इसी से जुड़ा है। इस तरह के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, जिसमें डिब्बे का व्यापार करने वाले कई लोग पैसा नहीं चुकाने पर आत्महत्या कर चुके हैं।
Published on:
24 Aug 2019 04:25 pm
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