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Mp news: एमपी के इंदौर शहर में अहिल्या पथ, इकोनॉमिक कॉरिडोर, इस्टर्न व वेस्टर्न बायपास और इंदौर-उज्जैन ग्रीन फीडर एक्सप्रेस जैसी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में आने वाली जमीनों की सरकारी कीमतें आसमान पर पहुंचने वाली हैं। पहली बार योजना लागू होने के बाद योजनाओं की जमीनों की गाइड लाइन बढ़ाई जा रही है। इन योजनाओं के 96 गांवों में 46 से 274 फीसदी की वृद्धि हो रही है। इसके साथ इंदौर जिले में अब संपत्ति की लोकेशन 4996 हो गई हैं।
मध्यप्रदेश को रजिस्ट्री से सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले इंदौर में अप्रेल से नई गाइड लाइन लागू होने का रास्ता साफ हो गया है। रजिस्ट्रार विभाग ने एआइ के माध्यम से अधिक मूल्य पर होने वाली लोकेशनों की फेहरिस्त बनाई और 3226 लोकेशनों पर गाइड लाइन बढ़ाने का प्रस्ताव दिया। जिला मूल्यांकन समिति में उसे रखा गया, जिस पर 138 दावे-आपत्तियां आई थीं। सभी का निराकरण कर दिया गया है। वरिष्ठ जिला पंजीयक अमरेश नायडू ने बताया कि 2024-25 में जिले में 4686 लोकेशन थीं, जिसमें 240 नई लोकेशन जोड़ी गईं।
प्रस्तावित गाइड लाइन पर दावे-आपत्तियां बुलाई गईं तो 70 नई लोकेशन जोड़ने के आवेदन आए। इन्हें मिलाकर 4996 लोकेशन हो गई हैं। 3226 पर वृद्धि प्रस्ताव के साथ 5 लोकेशन और जोड़ दी हैं। इससे 3231 लोकेशन पर वृद्धि की जा रही है। औसत 25.95 फीसदी की वृद्धि है, जिसमें अधिकतम 274 तो न्यूनतम 10 प्रतिशत है। प्रस्तावित गाइड लाइन पर आए दावे-आपत्तियां का निराकरण कर जिला मूल्यांकन समिति ने गेंद केंद्रीय मूल्यांकन समिति के पाले में डाल दी है।
जमीन की सरकारी कीमतों में बढ़ोतरी से योजना में आने वाले किसानों की बल्ले-बल्ले हो गई है। अहिल्या पथ के गांवों में 67 से 189 तो इंदौर- पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के गांवों में 93 से 233 फीसदी की वृद्धि देखी गई। इंदौर-उज्जैन ग्रीन फीडर एक्सप्रेस के गांवों में 40 से 200 प्रतिशत, ईस्टर्न बायपास के गांवों में 46 से 275 प्रतिशत और वेस्टर्न बायपास में 100 से 200 फीसदी की बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है।
Updated on:
25 Mar 2025 11:31 am
Published on:
25 Mar 2025 11:31 am
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