
इंदौर. सहकारी गृह निर्माण समितियों की करोड़ों की जमीन की हेराफेरी में प्रवर्तन निदेशालय यानि ईडी प्रतीक, सुरेंद्र संघवी और परिवार के लोगों की कुंडली बना रहा है। प्रतीक के साथ ही दीपक मद्दा उर्फ दीपक जैन और अन्य को समन देकर बैंक खातों व संपत्ति की जानकारी तलब की गई है। ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कार्रवाई करने की तैयारी में है।
ईडी के भोपाल कार्यालय ने जांच शुरू करते हुए प्रतीक और दीपक को समन जारी किए थे। ईडी ने प्रतीक संघवी से वर्ष 2004.05 से 2010.11 के इनकम टैक्स रिटर्न के साथ बैंक स्टेटमेंट मांगे हैं। प्रतीक और दीपक से उनके साथ उनके परिवार के सभी लोगों के बैंक स्टेटमेंट व संपत्तियों की जानकारी मांगी है। ईडी ने पूरे संघवी परिवार की कुंडली बना ली है। करोड़ों की गड़बड़ी के मामले में फरवरी 2021 में एमआइजी थाने में दर्ज हुए आपराधिक मामले के आधार पर जांच शुरू की है। गलत तरीके से कमाई को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस भी दर्ज किया जा सकता है।
देवी अहिल्या श्रमिक कामगार गृह निर्माण संस्था की एबी रोड से लगी अयोध्यापुरी कॉलोनी की जमीन की धोखाधड़ी में प्रतीक संघवी उनके पिता सुरेंद्र संघवी आरोपी हैं। कोर्ट से इन्हें अग्रिम जमानत मिली हैए जिसके खिलाफ पुलिस ने अपील की है। फरवरी 2021 में कलेक्टर मनीष सिंह के अगुआई में चले अभियान के बाद अयोध्यापुरी कॉलोनी की जमीन की धोखाधड़ी में एमआइजी पुलिस ने दीपक के साथ ही सिम्प्लेक्स इन्वेस्टमेंट कंपनी के संचालक प्रतीक संघवीए मुकेश खत्री के साथ अन्य लोगों पर केस दर्ज किया था।
आरोप है कि संस्था ने 96 सदस्यों के प्लॉट की जमीन को सिम्प्लेक्स कंपनी को बेच दिया था। प्रतीक के पिता सुरेंद्र संघवी व अन्य पर सदस्यों को धमकाने का आरोप था। दीपक पर खजराना पुलिस ने भी मजदूर पंचायत गृह निर्माण संस्था की जमीन की धोखाधड़ी के मामले में केस दर्ज किए हैं। ईडी ने मुकेश खत्री की भी जानकारी मांगी है। जमीनों की हेराफेरी में ईडी की आमद से हलचल मची हुई है।
Updated on:
20 Sept 2022 01:01 pm
Published on:
20 Sept 2022 12:33 pm
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