समस्या यहां तक बढ़ गई कि, टॉउनशिप के रहवासी जनसुनवाई में जाना पड़ा। यहां लोगों ने एडीएम अभय बेडेकर लिखित शिकायत देते हुए बताया कि, हालात ये हैं कि, नौजवान और महिलाएं ही नहीं बल्कि, बच्चों और बुजुर्गों को भी टैंकर की लंबी लाइन में घंटों जूझने के बाद एक बाल्टी पानी मिल पा रहा है। रहवासियों का कहना है कि, टॉउनशिप में 600 फ्लैट हैं, जिसमें से 100 खाली हैं। बिल्डर द्वारा एक टैंकर नीचे खड़ा कराया जा रहा है हमें ऊपर फ्लैट से बाल्टियां लेकर नीचे आना पड़ता है और फिर ऊपर ले जाना पड़ता है। इंदौर में सबसे ज्यादा मेंटेनेंस चार्ज (सवा रुपए प्रति वर्ग फीट) इस टॉउनशिप में वसूला जा रहा है। अगर रहवासी न दें तो दूसरी सुविधाएं भी बंद कर देते हैं। रहवासियों ने एडीएम को एक वीडियो दिखाते हुए कहा कि, किस तरह परेशानियों का सामना करते हुए उन्हें टैंकर से पानी भरना पड़ रहा है।