
सबसे ज्यादा थाईलैंड-दुबई जाने वाले टूरिस्ट
इंदौर. गर्मी की छुट्टियों में डोमेस्टिक डेस्टिनेशन की डिमांड दोगुनी हो गई, लेकिन विदेश जाने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। इंटरनेशनल टूरिज्म में इस बार रेकॉर्ड टूटते नजर आ रहे हैं। जो ट्रेंड आमतौर पर मई-जून में नजर आता था, वह अब अप्रेल में देखने को मिल रहा है। इस बार गर्मियों में बड़ी संख्या में इंदौर के परिवार यूरोप जा रहे हैं। बाली, मलेशिया और सिंगापुर जाने वालों की तादाद भी अधिक है। दरअसल टूर पैकेज सस्ते हो गए हैं जिससे लोग विदेश जाना प्रिफर कर रहे हैं।
स्कूलों में गर्मी की छुट्टी लगते ही सैर-सपाटे के प्लान बनने लगे हैं। यूरोप के देशों का रुख करने की वजह वहां के लिए वीजा मिलने में समय कम लगना है। पहले वीजा के लिए दिल्ली या मुंबई जाना होता था। इस प्रक्रिया में वीजा पाने में डेढ़ से दो माह लगते थे। अब यूरोप के लिए इंदौर में ही शेनजेन वीजा की सुविधा मिलने लगी है। इससे 10 से 15 दिन में भी वीजा मिल रहा है।
15 दिन के यूरोप टूर स्विटजरलैंड, फ्रांस, इटली, ऑस्ट्रिया और जर्मनी जैसे देशों की सैर के लिए प्रति व्यक्ति करीब 2 लाख रुपए लगते हैं। कई देश ऐसे हैं, जहां कश्मीर या केरल जाने के खर्च में घूमा जा सकता है। ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एमपीसीजी) के अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन बताते हैं कि इंदौर से सबसे ज्यादा पर्यटक थाईलैंड और दुबई जाते हैं। वियतनाम, अजरबेजान में बाकू, कजाकिस्तान में अलमाटी, बाली, मलेशिया, सिंगापुर, मालद्वीव भी जाना लोग पसंद कर रहे हैं। यहां के लिए 50 से 80 हजार रुपए में अच्छे पैकेज मिल रहे हैं।
परिवारों की पसंद, जरूरत और बजट के अनुसार पैकेज प्लान- ट्रेवल एजेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष टीके जोस का कहना है कि समर वेकेशन में इंटरनेशनल टूरिज्म पीक पर रहता है। कोविड से पहले की तुलना में इस बार 70 से 80 फीसदी अधिक लोग घूमने के लिए विदेश जा रहे हैं। ट्रेवल एजेंट्स भी परिवारों की पसंद, जरूरत और बजट के अनुसार पैकेज प्लान कर रहे हैं।
Published on:
16 Apr 2023 10:57 am
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