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13 देशों में नीरव-मेहुल पर ईडी की नजर, इन बातों की मांगी जानकारी

ईडी ने नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के कारोबार और संपत्ति के बारे पता लगाने के लिए 13 देशों को लेटर ऑफ रोगेटरी भेजा है।
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नई दिल्ली

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Saurabh Sharma

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Updated: 11 Apr 2018, 12:45 PM IST

Nirav modi

Nirav Modi Property

नई दिल्ली। आयकर विभाग के बाद अब इंफोर्समेंट डायरेक्‍ट्रेट ने भी विदेश में नीरव मोदी की तलाश तेज कर दी है। ईडी ने और दो कदम आगे बढ़ते हुए एक दर्जन से ज्‍यादा देशों से संपर्क साधा है। ताकि पीएनबी घोटाले के आरोपी हीरा कारोबारी नीरव मोदी एवं महुल चोकसी और उनकी संपत्ति‍को जब्‍त किया जा सके।

13 देशों को भेजा लेटर
इंफोर्समेंट डायरेक्‍ट्रेट (ईडी) ने पीएनबी में हुए 13,500 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोपी नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी के कारोबार और संपत्ति के बारे पता लगाने के लिए 13 देशों को लेटर ऑफ रोगेटरी भेजा है। ईडी को शक है कि मोदी और चोकसी का इन देशों में काफी कारोबार और संपत्ति है। ईडी ने लेटर ऑफ रोगेटरी सिंगापुर, साउथ अफ्रीका, ब्रिटेन, दुबई, बेल्जियम, अमेरिका, रूस, फ्रांस, चीन और हॉन्ग कॉन्ग को भेजा है।

फिर यह होगी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार अगर इस बात की पुष्टि हो जाती है कि नीरव और महुल ने विदेशी संपत्ति बैंक फ्रॉड या हेराफेरी के रुपयों से हासिल की है तो दोनों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई की जाएगी। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो ईडी के सरकारी अफसरों ने बताया कि उनका प्रमुख उद्देयश्‍मोदी और चोकसी के खिलाफ सबूत और गैरकानूनी तरीके से हासिल की गई विदेशी संपत्ति के बारे में पता लगाना है।

क्‍या होता है लेटर रोगेटरी
लेटर रोगेटरी यानी लेटर ऑफ रिक्वेस्ट जूडिशल असिस्टेंस के लिए एक देश के कोर्ट की तरफ से दूसरे देश की कोर्ट को भेजा जाने वाला औपचारिक पत्र होता है।

सीबीआई की पूछताछ जारी
वहीं दूसरी ओर सीबीआई ने विदेशी बैंकों के उन अफसरों की जांच पहले ही शुरू कर दी है जिन्होंने इंडियन बैंकों के अनसिक्यॉर्ड लेटर ऑफ अंडरटेकिंग पर क्रेडिट इशू किया था। सीबीआई अब तक का यह अनुमान है कि दोनों ने भारत के बैंकिंग सिस्टम से 13,578 करोड़ रुपये ठगने के लिए संदिग्ध लेटर ऑफ अंडरटेकिंग का इस्तेमाल किया था। इस मामले में सीबीआई ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों से पूछताछ की है।