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अग्निकांड के बाद एक्शन में शासन : इन अस्पतालों के लाइसेंस रद्द, अब तक 28 अस्पतालों पर गिर चुकी है गाज

स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 अन्य निजी अस्पतालों के लाइसेंस रद्द कर दिये हैं। जबलपुर अग्निकांड के बाद से अबतक कुल 28 अस्पतालों के लाइसेंस रद्द हो चुके हैं।
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जबलपुर

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 6 Aug 2022, 12:23 PM IST

News

अग्निकांड के बाद एक्शन में शासन : इन अस्पतालों के लाइसेंस रद्द, अब तक 28 अस्पतालों पर गिर चुकी है गाज

जबलपुर. मध्य प्रदेश के जबलपुर के निजी न्यू लाइफ अस्पताल में हुए अग्निकांड में 8 लोगों की मौत के बाद से स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 अन्य निजी अस्पतालों के लाइसेंस रद्द कर दिये हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सख्त एक्शन लेते हुए न सिर्फ इन अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त किये हैं, बल्कि यहां किसी भी तरह के मरीजों की भर्ती पर भी रोक लगा दी है। आपको बता दें कि, विभाग द्वारा लाइसेंस निरस्ती कार्रवाई का आधार फायर एनओसी के साथ साथ अन्य महत्वपूर्ण नियमों का पालन न करने के लिए की गई है। वहीं, माना जा रहा है कि, आगामी दिनों में और भी कई अस्पतालों के लाइसेंस रद्द हो सकते हैं।


अग्निकांड के बाद इन अस्पतालों पर गिरी गाज

न्यू लाइफ अस्पताल में हुए अग्निकांड में 8 लोगों की मौत के बाद जिलेभर के कई अस्पतालों के लाइसेंस खामियां पाए जाने के चलते रद्द किये गए हैं। इनमें डॉ. खान ई.एन.टी हॉस्पिटल, तिगनाथ हॉस्पिटल, लाईफ लाइन मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल और सुहागी जबलपुर, आयुष्मान अस्पताल सिहोरा, छाबड़ा अस्पताल गुरंदी रोड, रॉयल अस्पताल गढ़ा रेलवे क्रांसिंग, डॉ.कपिल नर्सिगहोम डीएन जैन स्कूल के पास, खिदमत अस्पताल आधारताल, सिद्धी विनायक अस्पताल नेपियर टाऊन, अग्रवाल नेत्र चिकित्सालय राईट टाऊन, सिंधु नेत्रालय ग्वारीघाट, मिडास अस्पताल आधारताल, मेडि लाईफ मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल मनमोहन नगर, बरगी स्थित राधाकृष्ण अस्पताल और कटंगी स्थित श्री हेल्थ केयर हॉस्पिटल और एन.वी अस्पताल, जगदीश चिल्ड्रल अस्पताल, जीवन ज्योति अस्पताल, डॉ. कावेरी शॉ विजया वूमेन क्लीनिक एंड हॉस्पिटल, प्राची नर्सिंग होम, कुमार अस्पताल, स्टार अस्पताल, निर्मल अस्पताल, शाफिया अस्पताल, अभिनंदन अस्पताल, आदर्श अस्पताल, कामाख्या अस्पताल और सरकार अस्पताल शामिल हैं। लाइसेंस रद्द करने के साथ ही इन निजी अस्पतालों में मरीजों भर्ती करने पर तत्काल रोक लगा दी है। साथ ही, पहले से भर्ती मरीजों का पूरा उपचार की हिदायत अस्पताल प्रबंधन को दी गई है।

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इसलिए एक्शन में आया प्रशासन

आपको बता दें कि, बीते 1 अगस्त 2022 को जबलपुर के न्यू लाइफ मल्टी स्पेशलीटी अस्पताल में हुए अग्निकांड में 8 लोगों की मौत हो गई थी। आगजनी में कई लोग घायल भी हुए हैं। अस्पताल में आग लगने के पीछे फायर एनओसी का होने के साथ-साथ कई नियमों का पालन न होना पाया गया। अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में हाहाकार मच गया, जिसके चलते सीएम शिवराज तमाम कलेक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ एक बैठक की। इस दौरान सीएम ने निर्देश दिए कि, लोगों की जान से इस तरह खिलवाड़ करने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई हो। इसके बाद से ही जबलपुर स्वास्थ्य महकमा हरकत में आया और लगातार निजी अस्पतालों पर कार्रवाई कर रहा है। अबतक 28 अस्पतालों के लाइसेंस रद्द किए जा चुके है। बता दें कि, दो दिन पहले ही जबलपुर के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी रत्नेश कुरारिया को भी इसी सिलसिले में निलंबित किया गया है।

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