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ganesh murti sthapana : स्थापना से पहले रखें गणेश प्रतिमा की विशेषता पर ध्यान, मूर्ति की मुद्रा का बड़ा महत्व

इस बार गणेश चतुर्थी का पर्व सात सितंबर से प्रारंभ होगा। इस दिन से घर-घर में लोग गणपति बप्पा की स्थापना करते हैं। स्थापना से पूर्व मंगलमूर्ति की प्रतिमा खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान गणपति के भक्त रख रहे हैं।
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जबलपुर

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Lalit Kumar Kosta

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Updated: 6 Sep 2024, 2:51 PM IST

ganesh chaturthi 2024

ganesh murti sthapana : सनातन धर्म में कोई भी शुभ अथवा मांगलिक कार्य करने से पहले भगवान गणेश की आराधना की जाती है। प्रत्येक वर्ष हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है। इस बार गणेश चतुर्थी का पर्व सात सितंबर से प्रारंभ होगा। इस दिन से घर-घर में लोग गणपति बप्पा की स्थापना करते हैं। स्थापना से पूर्व मंगलमूर्ति की प्रतिमा खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान गणपति के भक्त रख रहे हैं।

ganesh murti sthapana : पूजन के लिए दिशा और मूर्ति की मुद्रा का भी है महत्व

आचार्य अभिषेक पुजारी की मानें तो प्रतिमा खरीदने से पहले आवश्यक रूप से इन बातों का ध्यान रखा जाए तो यह शुभ फल दायक साबित होता है। भगवान गणेश की प्रतिमा लेते समय इस बात का भी विशेष ध्यान देना चाहिए कि गणपति बप्पा की मूर्ति में मूषक जरूर हो। उनके हाथ में मोदक भी हो। मूषक गणपति बप्पा का वाहन है। इस तरह की मूर्ति लाना बेहद शुभ माना जाता है। स्थापना से पहले पूरे परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

ganesh murti sthapana : 10 दिन तक होती है आराधना

गणेश चतुर्थी पर्व के दिन लोग अपने घरों में भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना करते हैं और 10 दिन तक उनकी पूजा आराधना करते हैं। कुछ लोग यह स्थापना थोड़े समय के लिए करते हैं। कोई 3 दिन, कोई 5 दिन तो कोई 7 दिन प्रतिमा विराजित रखते हैं। हालांकि, ज्योतषियों का कहना है कि यदि अनंत चतुर्दशी के दिन विसर्जन करते हैं तो इसका भी विशेष महत्व है।

ganesh murti sthapana : बाईं ओर झुकी सूंड

मूर्ति खरीदते समय इस बात पर खास ध्यान दें कि गणेशजी की मुद्रा और सूंड की दिशा कैसी है। बाईं ओर झुकी हुई सूंड वाले गणेशजी को सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। माना जाता है कि गणपति की ऐसी मूर्ति लाने से घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।

ganesh murti sthapana : रंगों का रखें ध्यान

इसी तरह भगवान गणेश के प्रतिमा की रंग की बात करें तो भगवान गणेश की सिंदूर के रंग की प्रतिमा घर में लाना शुभ माना जाता है। गणपति के इस रंग की प्रतिमा लाने से घर में आत्मविश्वास की वृद्धि होती है, जीवन में चल रही परेशानी दूर होती है। वहीं भगवान गणेश की सफेद रंग की प्रतिमा स्थापित करने पर घर में खुशहाली आती है।

ganesh murti sthapana : उत्तर दिशा में स्थापना

इसके साथ ही भगवान गणेश की मूर्ति को उत्तर दिशा में स्थापित करना शुभ होता है। यह दिशा मां लक्ष्मी और भगवान शिव की दिशा मानी जाती है। ऐसे में गणेशजी का मुख इस दिशा में रखने से गणेश भगवान के साथ-साथ महादेव और मां लक्ष्मी का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है।

ganesh murti sthapana : ये कहते हैं लोग

श्रद्धालु वंदना सिंह कहती हैं कि पहले इस बात की जानकारी का अभाव था। अब गणेश प्रतिमा खरीदने के दौरान बाईं ओर झुकी हुई सूंड को ही प्राथमिकता देते हैं। इसी प्रकार विवेक नागपाल कहते हैं कि गणेश मूर्ति खरीदने के समय प्रतिमा में मूषक और लड्डू है या नहीं इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए। मूषक के बिना गणपति पूजा अधूरी मानी जाती है।