
जबलपुर की महिला डॉक्टर
जबलपुर. यूपी के चर्चित हाथरस रेप-मर्डर केस में जबलपुर के एक मेडिकल कॉलेज की महिला डॉक्टर पर पीड़ित बिटिया की भाभी बन कर बयान देने व दंगा भड़काने का आरोप लगाया गया है। लेकिन महिला डॉक्टर ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है। महिला डॉक्टर ने मीडिया को बताया कि वह पीड़ित के स्वजन से मानवता के नाते मिलने हाथरस गई थी। यदि कोई आरोप लगाया जा रहा है तो वह सरासर गलत है। इस प्रकरण में यूपी एसआइटी उनसे पूछताछ करती है, तो वह उसका सहयोग करने को तैयार हैं।
महिला डॉ राजकुमारी ने मीडिया को बताया कि वो 4 अक्टूबर को वहां पहुंचीं और पीड़ित के स्वजन से मुलाकात कर उनको आश्वासन दिया कि जब भी उनको जरूरत होगी वे मदद करने हाथरस आ जाएंगी। उसके बाद 6 अक्टूबर को वह वापस आ गईं। इस बीच उनके मोबाइल पर कुछ परिचित लोगों के फोन आए। तत्काल फोन रिसीव नहीं कर पाने के कारण जब कॉलबैक किया तो उनके परिचित दंग रह गए और उन्होंने बताया कि फोन लगाने पर लोकेशन विदेश की आ रही थी। अब डॉ राजकुमारी ने सायबर सेल में शिकायत की है कि उनका फोन ट्रेस करके कॉल रिकार्ड की जा रही है।
इस मामले में अब तक उत्तर प्रदेश पुलिस ने कोई संपर्क नहीं किया है। यदि पुलिस संपर्क करती है, तो उनका सहयोग किया जाएगा। - सिद्धार्थ बहुगुणा, एसपी
बता दें कि यूपी के हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र अंतर्गत 14 सितंबर को 19 वर्षीय युवती से कथित गैंगरेप का मामला प्रकाश में आया था। 29 सितंबर को पीड़ित की उपचार दौरान मौत हो गई थी। पुलिस-प्रशासन ने पीड़ित की रात में ही अंत्येषिट करा दी जिसे लेकर हंगामा मच गया। इस मामले को विपक्ष ने जोर शोर से उठाया। विपक्ष के तीखे तेवर के आगे यूपी सरकार को झुकना पड़ा। इस बीच पहले एसआईटी फिर सीबीआई जांच के आदेश दिए गए। एसआईटी जांच कर रही थी कि सीबीआई ने भी केस की पड़ताल शुरू कर दी है।
इस मामले में पुलिस व प्रशासन ने किसी को भी पीड़ित के गांव-घर जाने से रोक दिया। इसे लेकर भी जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेता कड़े विरोध के बाद भी पीड़ित के घर गए और परिजनों को ढांढस बंढाया। फिर राजनीतिक दबाव में प्रशासनिक अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई। लेकिन मामला अब भी गरम है।
Updated on:
11 Oct 2020 03:36 pm
Published on:
11 Oct 2020 03:36 pm
