
tension prevailed in village after police killed auto driver in mp
जबलपुर। पनागर-देवरी में गुरुवार को दिन भर उपद्रव के बाद मृत ऑटो ड्राइवर के शव का शुक्रवार को सुबह अंतिम संस्कार किया गया। मृतक शिव कुमार पटेल निवासी इमलई मोड़ को अंतिम विदाई देने के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा। हजारों की भीड़ मृतक की अंतिम यात्रा में शामिल हुई। अंतिम संस्कार में शामिल हुए लोगों के चेहरे पर पुलिस के विरुद्ध आक्रोश झलक रहा था। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए गांव में भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात था। गुरुवार को हुई अप्रिय घटना के बाद स्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए पुलिस ने गांव को छावनी बना दिया है।
यह है मामला
पनागर थानांतर्गत इमलई मोड़ के पास गुरुवार को ऑटो 40 वर्षीय चालक शिवराम पटेल को दो पुलिसकर्मियों ने रोका। तलाशी लेने के बाद ऑटो चालक को पुलिस कर्मी अपनी बाइक में बैठाकर थाने की ओर ले गए। कुछ देर बाद दोनों पुलिस कर्मी लौटे और शिवराम को इमलई मोड़ से पहले एक पेड़ के नीचे छोड़कर भाग गए। ग्रामीणों ने जब पास जाकर देखा तो शिवराम मृत था। इसके बाद गांव में पुलिस की पिटाई से शिवराम की मौत और उसे सड़क किनारे उसका शव फेंके जाने की बात फैलती ही आक्रोश भड़क गए। ग्रामीणों ने हाइवे जाम कर दिया। पुलिस के साथ झड़प के बाद करीब 7 घंटे तक उपद्रव हुआ।
पुलिस पर हत्या का आरोप
ऑटो चालक की मौत को लेकर परस्पर विरोधी दावे किए जा रहे है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने शिव कुमार के साथ मारपीट की। उनकी पिटाई से उसकी मौत हुई है। वहीं, पुलिस ने मारपीट की बात से इनकार किया है। हार्टअटैक की वजह से मौत होने की बात कही है।
आरोपित पुलिस कर्मी निलंबित
ग्रामीणों ने ऑटो ड्राइवर को पनागर थाने में आरक्षक सचिन जैन और होमगार्ड सैनिक विजय तिवारी के साथ जाते देखा था। ग्रामीण इन दोनों को शिवराम की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। इनके विरुद्ध धारा 302 के तहत प्रकरण दर्ज करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। ग्रामीणों के आक्रोश के बाद पुलिस ने दोनों आरोपित सचिन जैन और विजय तिवारी को निलंबित कर दिया है। प्रशासन ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए है।
Published on:
23 Feb 2018, 2:12 PM IST
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