
weather in ajmer
जबलपुर
जुलाई और अगस्त में जब मानसूनी सीजन पीक पर होता है और तेज झमाझम बारिश होती है उस दौर में चारों तरफ सूखा ही सूखा नजर आ रहा है। तेज धूप के साथ चिपचिपाहट भरी गर्मी व उमस लोगों को परेशान कर रही है। मानसून ब्रेक से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश नहीं होने से सूखा जैसे हालात है। जलस्त्रोत भी सूख गए हैं। यदि एक पखवाड़े में बारिश नहीं हुई तो कृषि सहित अन्य कार्य भी प्रभावित हो जाएंगे।
सुबह से शाम तक गर्मी-
अगस्त महीना शुरू होने के बाद भी तापमान सामान्य से पांच डिग्री तक ज्यादा बना हुआ है। सूर्योदय के साथ ही पारा ऊपर चढ़ रहा है। दोपहर तक धूप चुभ रही है। पहले आसमान में मंडराने वाले बादल भी अब गायब हैं। तीन-चार दिनों से लगातार सूरज तेवर दिखा रहा है। उस पर हवा की मंद गति से मौसम और भारी पड़ रहा है। उमस-गर्मी से बेचैन लोगों को हवा का भी साथ नहीं मिल रहा है। इससे दिन के समय कूलर, एसी के बिना लोगों के लिए रहना मुश्किल हो रहा है।
- 34 डिग्री सेल्सियस पहंचा तापमान
अधारताल स्थित मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार अधिकतम तापमान बढ़कर शनिवार को 34.8 डिग्री सी हो गया। यह सामान्य से पांच डिग्री तक ज्यादा बना रहा। न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री दर्ज हुआ। यह सामान्य से तीन डिग्री तक ज्यादा बना रहा। आद्र्रता सुबह के समय 86 प्रतिशत और शाम को 52 प्रतिशत थी। पश्चिमी हवा दो किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चली।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार शहर में अभी एक-दो दिन मौसम में कोई ज्यादा परिवर्तन नहीं होगा। बंगाल की खाड़ी में नए सिस्टम बनने पर चार-पांच दिन बाद आसमान में काले बादल छा सकते हैं। इनके प्रभाव से बारिश की सम्भावना है। स्थानीय बादलों के सक्रिय होने पर छिटपुट बारिश हो सकती है।
Updated on:
01 Aug 2020 07:33 pm
Published on:
01 Aug 2020 07:33 pm
