गौरतलब है कि जिला सहकारी बैंक के माध्यम से अब तक संभाग भर के किसानों ने कुल 776 करोड़ 67 लाख 47 हजार रुपए का लोन लिया था। हालांकि इसमें अधिकांश बड़े किसान ही शामिल थे। जिन्होंने लाखों रुपए का लोन लिया था, जबकि मध्यम और गरीब किसानों की संख्या कम हैं। ऐसे में कर्ज माफी लाभ नहीं मिलने पर बड़े किसानों को भी लोन की सारी रकम चुकता करना होगा। धान बिक्री में अभी दो माह का समय है, ऐसे में बैंक के द्वारा भी लिंकिंग के माध्यम से धान खरीदी के द्वारा लोन की राशि काट कर शेष राशि किसानों के खाते में दी जाएगी। बैंकों से लोन लेने में सर्वाधिक किसान कांकेर के 66355 किसान हैं, जिनके 285 करोड़ 68 लाख 83 हजार रुपए हैं, दूसरे नंबर पर कोंडागांव 30629 किसान हैं, जिनके 156 करोड़ 6 लाख 70 हजार रुपए हैं और तीसरे नंबर पर बस्तर जिले के 28 हजार 968 किसान हैं, जिनके174 करोड़ 27 लाख 44 हजार रुपए हैं।