
CG News: बस्तर संभाग के 3 हजार से अधिक संविदा और दैनिक वेतन भोगी, कलेक्टर दर पर कार्यरत कर्मचारियों का ईपीएफ राशि नहीं जमा नहीं करने की वजह से विभाग का खाता सीज कर दिया गया है।
इस कार्यवाही से विभाग का वित्तीय और कामकाज प्रभावित है, वहीं अधिकारियों में हड़कंप मचा है। वहीं वित्त मंत्रालय के द्वारा 49 करोड़ रुपए की राशि ईपीएफ के लिए दिया गया है। जिसके बाद राशि प्रदाय करने की कार्यवाही प्रक्रिया में है।
दरअसल लोक निर्माण विभाग में अनियति अधिकांश कर्मचारियों को काम करते हुए 15 वर्ष से अधिक का समय हो चुका है, पर विडंबना है कि आज तक इन कर्मचारियों का ईपीएफ राशि जमा नहीं किया गया है।
यहां तक की कर्मचारियों का यूएएन नंबर तक जनरेट नहीं किया है जबकि नियमत: शासकीय विभाग में संविदा, कलेक्टर दर पर कार्यरत सभी कर्मचारियों का यूनएनए नंबर होना अनिवार्य है, जिसमें कर्मचारी भविष्य निधि का लाभ इन कर्मचारियों को मिल पाता।
कर्मचारी संघ के द्वारा इसके विरुद्ध लेबर कोर्ट में शिकायत की गई थी, पक्ष में पैसला आने के बाद सभी कर्मचारियों को इपीएफ राशि भुगतान करने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद आला अधिकारियों की गैर जिम्मेदाराना रवैये से ईपीएफ की राशि अब तक नहीं मिल सकी है। जिनका कहना है कि कर्मचारियों के लिए से ईपीएफ राशि प्रदाय नहीं किए जाने से जमा नहीं किया जा रही थी।
CG News: इसे लेकर गुरुवार को रायपुर में कर्मचारियों के द्वारा रायपुर स्थित लोक निर्माण विभाग में विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा। संभागीय संघ नेता विपिन का कहना है कि लंबे समय से कर्मचारियों के साथ अहित किया जा रहा है, यह बर्तास्त नहीं किया जाएगा।
वर्तमान में कर्मचारियों को वर्ष 2015 से 2019 तक की 49 करोड़ रुपए ईपीएफ राशि प्रदाय की गई है, लेकिन वर्ष 2024 तक की राशि लंबित है। हमारी मांग है कि ईपीएफ की पूरी राशि को ब्याज सहित दी जाए।
Updated on:
22 Aug 2024 03:00 pm
Published on:
22 Aug 2024 02:58 pm
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