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छात्राओं की मांग पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का बड़ा फैसला, दिसंबर तक होगी शिक्षकों की पदस्थापना

Teacher Recruitment Chhattisgarh: बस्तर के किलेपाल स्कूल में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शिक्षकों की कमी दूर करने का ऐलान किया। दिसंबर तक नई भर्ती में स्कूल को प्राथमिकता मिलेगी।
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जगदलपुर

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Laxmi Vishwakarma

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Updated: 2 Sep 2026, 3:47 PM IST

Chhattisgarh News

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की बस्तर को बड़ी सौगात (Photo Source - Patrika)

Chhattisgarh News: बस्तर के किलेपाल स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में छात्राओं को अब पढ़ाई के साथ खेलकूद की बेहतर सुविधाएं भी मिलेंगी। प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्कूल का औचक निरीक्षण कर छात्राओं से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान छात्राओं ने स्कूल में विषय शिक्षकों की कमी और खेल सुविधाओं से जुड़ी अपनी जरूरतें मंत्री के सामने रखीं।

छात्राओं की मांग पर शिक्षा मंत्री ने कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने विद्यालय परिसर में आधुनिक बैडमिंटन और बास्केटबॉल कोर्ट तैयार कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही खेल सामग्री भी तत्काल उपलब्ध कराने को कहा। वहीं विषय शिक्षकों की कमी को लेकर मंत्री ने कहा कि दिसंबर तक होने वाली नई भर्ती प्रक्रिया में किलेपाल के इस विद्यालय को प्राथमिकता दी जाएगी और जरूरत के अनुसार शिक्षकों की पदस्थापना सुनिश्चित की जाएगी।

Kilepal School: छात्राओं ने बताई अपनी समस्याएं

औचक निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने छात्राओं के साथ आत्मीय माहौल में बातचीत की। उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, स्कूल की सुविधाओं और छात्रावास से जुड़ी व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। छात्राओं ने बताया कि उन्हें खेलों में काफी रुचि है, लेकिन पर्याप्त सुविधाएं और खेल सामग्री उपलब्ध नहीं होने से उन्हें परेशानी होती है। छात्राओं की बात सुनने के बाद मंत्री ने विद्यालय परिसर में आधुनिक बैडमिंटन और बास्केटबॉल कोर्ट बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को खेल सामग्री तुरंत उपलब्ध कराने को कहा। छात्राओं को कंपास बॉक्स सहित जरूरी शैक्षणिक सामग्री भी जल्द वितरित करने के निर्देश दिए गए।

दिसंबर तक शिक्षकों की कमी होगी दूर

स्कूल में विषय शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी छात्राओं ने शिक्षा मंत्री के सामने रखा। छात्राओं ने बताया कि पर्याप्त विषय शिक्षक नहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिसंबर तक होने वाली नई भर्ती प्रक्रिया में इस विद्यालय को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद जरूरत के अनुसार शिक्षकों की पदस्थापना सुनिश्चित की जाए, ताकि छात्राओं की पढ़ाई में किसी तरह की परेशानी न हो। मंत्री ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी बेहतर शिक्षा और जरूरी संसाधन मिलना सरकार की प्राथमिकता है।

सुबह दौड़, पीटी और योग की व्यवस्था

निरीक्षण के बाद शिक्षा मंत्री ने स्कूल और छात्रावास के स्टाफ के साथ बैठक भी की। उन्होंने छात्राओं की रोजाना की दिनचर्या को व्यवस्थित करने पर जोर दिया। मंत्री ने निर्देश दिए कि सुबह उठने के बाद छात्राओं को मैदान में दौड़, पीटी और नियमित योग कराया जाए। उनका कहना था कि पढ़ाई के साथ बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर भी ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने स्कूल की प्रार्थना सभा को भी व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए। इसके लिए सभी स्कूलों में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और मंत्रों वाली पेन ड्राइव उपलब्ध कराने की बात कही गई, ताकि प्रार्थना के दौरान सही उच्चारण के साथ गतिविधियां कराई जा सकें।

शाम को गृहकार्य और रात में भी पढ़ाई

शिक्षा मंत्री ने छात्राओं की पढ़ाई को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल से लौटने के बाद छात्राओं से नियमित रूप से गृहकार्य पूरा कराया जाए। इसके अलावा रात के भोजन के बाद भी कम से कम एक घंटे नियमित अध्ययन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य छात्राओं को पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है।

स्वास्थ्य और स्वच्छता पर भी जोर

मंत्री ने छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के स्वास्थ्य को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर छात्राओं की नियमित स्वास्थ्य जांच कराने को कहा गया। परिसर की साफ-सफाई के लिए महीने में कम से कम एक बार बड़े स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा छात्रावास में खराब पड़े शौचालयों की तत्काल मरम्मत कराने को कहा गया। मंत्री ने इसके लिए आकस्मिक मद यानी कंटिंजेंसी फंड का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए, ताकि मरम्मत के लिए लंबी प्रक्रिया का इंतजार न करना पड़े और छात्राओं को जल्द सुविधा मिल सके।

शिक्षिकाओं और अधीक्षिकाओं को दी खास सीख

शिक्षा मंत्री ने स्कूल और छात्रावास की शिक्षिकाओं तथा अधीक्षिकाओं से कहा कि वे छात्राओं के साथ हमेशा मित्रवत व्यवहार रखें। उन्होंने कहा कि छात्राओं को ऐसा माहौल मिलना चाहिए, जहां वे बिना किसी डर के अपनी बात रख सकें। मंत्री ने शिक्षिकाओं और अधीक्षिकाओं को बच्चों के साथ अभिभावक जैसा व्यवहार करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और सकारात्मक माहौल में ही बच्चे बेहतर तरीके से पढ़ाई और दूसरी गतिविधियों में प्रदर्शन कर सकते हैं।

Chhattisgarh Education News: शिक्षा के साथ खेल पर भी सरकार का फोकस

किलेपाल के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री के निर्देशों से साफ है कि सरकार दूरस्थ इलाकों के स्कूलों में शिक्षा के साथ खेल सुविधाओं को भी मजबूत करने पर जोर दे रही है। छात्राओं की मांग पर खेल मैदान और सामग्री उपलब्ध कराने के साथ शिक्षकों की कमी दूर करने का भरोसा दिया गया है। अगर दिसंबर तक नई भर्ती प्रक्रिया के तहत शिक्षकों की पदस्थापना होती है, तो इससे छात्राओं की पढ़ाई को काफी मदद मिलने की उम्मीद है।

इस दौरान कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना, शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक एचआर सोम, जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल, जिला मिशन समन्वयक अशोक पाण्डे सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।