जयपुर। सरकार चार साल से अपने कदम जैसे-जैसे अपने कार्यकाल के आखिरी साल की ओर बढ़ा रही है, लगता है कोर्ट आईने की तरह उसे टिप्पणियों से चेताने का प्रयास कर रहा है। इस साल औसतन हर दूसरे माह राज्य सरकार को कोर्ट की ऐसी तल्ख टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। चार साल का सफर देखें तो कई दर्जन बार ऐसे मौके आए, जब हाईकोर्ट को सरकार को फटकार लगानी पड़ी। बीते महीने तो सुप्रीम कोर्ट तक ने बोला सरकार खुद तो कुछ करती नहीं, हाईकोर्ट सुधार करे तो भी आपत्ति। जयपुर सहित प्रदेश के छह बड़े शहरों का मास्टर प्लान ऐसा मुद्दा रहा जिसको लेकर सरकार जनहित के नाम गली निकालती पर कोर्ट शहरों का नक्शा बिगडऩे से रोकने के लिए सख्त हेडमास्टर की भूमिका में खड़ा नजर आता रहा। भ्रष्ट लोकसेवकों को संरक्षण देने का कानून बनाने के लिए हाथ बढ़ाकर जहां जनता से बैर मोल लिया तो कोर्ट भी जनता के साथ खड़ा नजर आया। सरकार अगर जनता के बीच रहना है तो जनता के दु:ख दर्द समझकर उन पर मरहम लगाना ही होगा। आइए जानते हैं सरकार को कब-कब हाई कोर्ट ने लगाई फटकार...