
जयपुर/दौसा। दौसा में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। जिसमें एक युवक ने नौ साल की मासूम बालिका को घर पर अकेला देख अपनी हवस का शिकार बना ड़ाला। यही नहीं हवस का शिकार बनने के बाद भी बालिका व्यवस्थाओं का शिकार बनी और पीडि़त बालिका व उसके परिजन इलाज के लिए तीन घंटे तक दर दर भटकते रहे। मासूम पीडि़ता के परिजन लहूलुहान हालात में बालिका के उपचार के लिए अलग अलग अस्पतालों के चक्कर काटते रहे, लेकिन उन्हें उपचार नहीं मिल सका।
सबसे पहले परिजन पीडि़ता को लेकर गांव रतनपुरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गए लेकिन वहां भी डॉक्टर्स ने इलाज करने से मना कर दिया। इसके बाद रामगढ़ पचवारा लेकर आए लेकिन यहां भी महिला डॉक्टर नहीं होने से बालिका को इलाज नहीं मिल सका। जिसके बाद परिजन पीडि़ता को लेकर लालसोट स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे लेकिन यहां भी महिला डॉक्टर के छुट्टी पर होने से उपचार के लिए मना कर दिया गया। जिसके बाद दौसा जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद बालिका को रात करीब दो बजे बाद जयपुर जेके लोन अस्पताल में रैफर कर दिया गया जहां उसका इलाज जारी है। इलाज में हुई देरी से बालिका का अधिक रक्तस्त्राव हो गया।
घर पर नहीं थे परिजन, अकेली थी बालिका
घटना दौसा के रामगढ़ पचवारा थाना इलाके के रतनपुरा गांव में हुई। घटना के दौरान बालिका घर पर अकेली थी। बालिका के परिजन उसकी दादी के बीमार हो जाने पर उसे अस्पताल लेकर गए हुए थे। ऐसे में एक युवक ने झोंपड़ी में अकेले बैठी नौ वर्षीय बालिका को हवस का शिकार बना ड़ाला। युवक लालसोट में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है।
घटना के दौरान बालिका खेत पर बनी झोंपड़ी में अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। लेकिन वहां पहुंचे युवक ने अन्य बच्चों को टॉफ़ी लेने भेज दिया और इसके बाद मासूम को अपनी हवस का शिकार बना डाला। जिसके बाद मेंबालिका को लहूलुहान हालत में छोड़ कर फरार हो गया। पुलिस आरोपित की तलाश कर रही हैं। वही परिजनों का भीआरोप है कि पुलिस ने भी मामले को मौके पर ही निपटाने के लिए दबाव बनाया। साथ ही जयपुर बात को दबाने के प्रयास करने के लिए डॉक्टर्स पर दबाव बनाया।
Updated on:
28 Nov 2017, 8:04 PM IST
Published on:
28 Nov 2017, 11:21 AM IST
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