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क्या मोबाइल फोन से ब्रेन ट्यूमर या कैंसर होता है? जानें Brain Tumour से जुड़ी बातों की सच्चाई

Brain Tumor Day 2018 : बार-बार होने वाला सिरदर्द निश्चित रूप से ब्रेन कैंसर के लक्षणों में से एक है, वहीं केवल डॉक्टरी जांच की मदद से ही किसी भी न्यूरोलॉजिकल स्थिति की पुष्टि की जा सकती है...
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जयपुर

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Dinesh Saini

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Updated: 8 Jun 2018, 5:48 AM IST

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जयपुर। कैंसर के बारे में जानकारियां तो बहुत उपलब्ध हैं, लेकिन सवाल यह है कि यह जानकारी कितनी प्रामाणिक है। यही कारण है कि, कई कैंसर के कारणों, ख़तरों, लक्षण और Brain Tumour के उपचार से जुड़े विभिन्न मिथक प्रचलित हैं। आइए जानते हैं ब्रेन ट्यूमर से जुड़े प्रमुख तथ्यों के बारे में...

- प्रति 100,000 लोगों में से 2-3 लोगों को ब्रेन कैंसर होता जाता है, जो कि इसे भारत में सामान्य कैंसर के प्रकार में शामिल नहीं होने देता। रेडिएशन और मस्तिष्क के कैंसर के बारे में कोई शोध या सबूत नहीं है, लेकिन विकिरण के लंबे एक्सपोजर का पूरे स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव हो सकता है और इसलिए, इसका हल्के ढंग से इलाज नहीं किया जाना चाहिए।

- ब्रेन ट्यूमर का हर मामला cancer नहीं होता। कुछ ट्यूमर सौम्य होते हैं, जिसका अर्थ है कि वे अन्य अंगों तक फैल नहीं सकते हैं या आसपास के कोशिकाओं या ऊतकों को नुकसान नहीं पहुंचाते। जबकि अन्य ट्यूमर की वजह से कैंसर हो सकता है।

- सभी ब्रेन ट्यूमर समान नहीं होते। अभी तक कुल 120 प्रकार के ब्रेन ट्यूमर्स का पता चला है। यही नहीं, ब्रेन ट्यूमर का अंतर उनके आकार, उनके स्थान, उनकी शुरुआत और गम्भीरता के आधार पर होता है।

- ट्यूमर 2 प्रकार के होते हैं - एक जो दिमाग में उत्पन्न और विकसित होते हैं, जिन्हें प्रायमरी ट्यूमर कहा जाता है, और दूसरे जिन्हें मेटास्टैटिक ट्यूमर भी कहा जाता है, शरीर के कुछ हिस्सों जैसे फेफड़े, स्तन, गुर्दा, पेट और आंत को प्रभावित करते हैं और धीरे-धीरे मस्तिष्क में फैल जाते हैं। सेकेंडरी ट्यूमर के मामले प्रायमरी ट्यूमर से ज़्यादा दिखाई पड़ते हैं। ज्यादातर ट्यूमर तंत्रिका कोशिकाओं से उत्पन्न नहीं होते हैं, लेकिन कोशिकाओं से उनका समर्थन करते हैं।

- ब्रेन ट्यूमर के लक्षण बीमारी की गम्भीरता के स्तर पर आधारित होते हैं। ज़्यादा गम्भीर मामलों में ब्रेन कैंसर के संकेत जल्दी दिखायी देते हैं दिमाग की कार्य प्रणाली को विभिन्न तरीकों से प्रभावित करते हैं।

- जहां बार-बार होने वाला सिरदर्द निश्चित रूप से ब्रेन कैंसर के लक्षणों में से एक है, वहीं केवल डॉक्टरी जांच की मदद से ही किसी भी न्यूरोलॉजिकल स्थिति की पुष्टि की जा सकती है। डॉक्टर एक सीटी स्कैन को सलाह दे सकते हैं जिसके बाद विभिन्न प्रकार के एमआरआई स्कैन को इसका पता लगाया जा सकता है।

- ब्रेन ट्यूमर या कैंसर के जोखिम को निर्धारित करने वाले कारकों में उम्र शामिल नहीं है क्योंकि ट्यूमर होने के मामले नवजात शिशुओं में भी देखे गए हैं। हालांकि, बच्चों और वयस्कों में अलग-अलग प्रकार के ट्यूमर होते हैं, जिनकी शुरुआत मस्तिष्क की विभिन्न कोशिकाओं और हिस्सों से में हो सकती है, इसलिए पैथोलॉजी और वास्तव में यह अलग-अलग दिख सकते हैं।

- सेलफोन से रेडियो-फ्रीकवेंसी ऊर्जा का उत्सर्जन होता है, जो हमारे ऊतकों या टिश्यूज़ द्वारा अवशोषित होता है लेकिन यह हमारे डीएनए को नुकसान नहीं पहुंचाता। उनका एकमात्र प्रभाव शरीर के तापमान में मामूली वृद्धि के रुप में देखा जा सकता है। अब तक, मोबाइल फोन के इस्तेमाल से ब्रेन ट्यूमर होने की कोई भी बात सांख्यिकीय रूप से साबित नहीं की गयी है। मस्तिष्क के कैंसर के लिए एकमात्र सिद्ध जोखिम कारक एक उत्परिवर्तन या म्यूटेशन है, जो जन्म के समय या व्यक्ति के जीवनकाल में कभी भी विकसित हो सकता है।