
जयपुर। राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार को राज्य कैंसर संस्थान का शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री ने राजधानी के प्रताप नगर स्थित परिसर में इसका भूमि पूजन करने के बाद कहा कि इस संस्थान के शुरू होने के बाद जयपुर में कैंसर उपचार के लिए विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा मिलेगी। साथ ही, यहां कैंसर पीडि़तों के पुनर्वास और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान विभिन्न प्रकार के कैंसर इलाज के लिए अत्याधुनिक तकनीक एवं उपकरणों से सुसज्जित होगा। इसे अगले एक साल में तैयार करने की तैयारी की जा रही है।
यहां उपचार के बाद मरीजों के पुनर्वास के लिए पैराप्लेजिक ट्रीटमेंट केन्द्र के माध्यम से फिजियोथैरेपी और शारीरिक व्यायाम के लिए बेहतर उपकरणों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में पैराप्लेजिक ट्रीटमेंट विंग और स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स की भी आधारशिला रखी। उन्होंने विश्वविद्यालय में नर्सेज, मेडिकल छात्राओं, छात्रों और रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए अलग-अलग चार छात्रावासों एवं शिक्षकों तथा गैर शिक्षक कर्मचारियों के लिए आवासों का लोकार्पण एवं स्वामी विवेकानन्द की मूर्ति का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कुलपति डॉ.राजाबाबू के कार्यकाल की तारीफ करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में विवि का लगातार विकास हो रहा है। कैंसर संस्थान एसएमएस मेडिकल कॉलेज के अधीन होगा।
इनका किया अवलोकन
मुख्यमंत्री ने कैंसर संस्थान और विवि परिसर के ले-आउट प्लान का भी अवलोकन किया। कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार ने मुख्यमंत्री को परिसर में स्थित विभिन्न भवनों एवं सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ, चिकित्सा राज्य मंत्री बंशीधर बाजिया, सांसद रामचरण बोहरा, संसदीय सचिव कैलाश वर्मा भी उपस्थित थे।
लकवा ग्रस्त मरीजों को मिलेगी पुर्नवास की सुविधा
विवि के कुलपति डॉ.राजाबाबू ने बताया कि पैराप्लेजिक ट्रीटमेंट विंग को सेंटर फॉर एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। जिसमे लकवाग्रस्त मरीजों के इलाज व पुर्नवास की सुविधाएं उपलब्ध रहेगी। उक्त केन्द्र की अनुमानित लागत 28 करोड़ रुपए और प्रस्तावित क्षेत्रफल 80 हजार स्कवायर फिट है। उन्होंने बताया कि विवि परिसर में बनाए जा रहे स्पोर्ट्स कांपलेक्स का अनुमानित क्षेत्रफल 26 हजार स्कवायर फिट है और इसकी अनुमानित लागत 19.6 करोड़ रुपए है।
इन पर चल रहा काम
कुलपति ने बताया कि विवि में 500 शैयाओं के अस्पताल का निर्माण कार्य प्रक्रियाधीन है। जिसका कुल प्रस्तावित क्षेत्रफल 5.5 लाख स्कवायर फिट है। उक्त निर्माण कार्य जून 2018 में पूरा किया जाना अपेक्षित है। भविष्य में उक्त अस्पताल को 1500 शैयाओं के अस्पताल के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। जिससे सवाई मानसिंह अस्पताल पर से भी भार कम हो सकेगा।
Updated on:
28 Oct 2017 09:57 pm
Published on:
28 Oct 2017 09:38 pm
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