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मूक-बधिर विद्यार्थियों के प्रदर्शन के मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग ने लिया प्रसंज्ञान
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मूक-बधिर विद्यार्थियों के प्रदर्शन के मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग ने लिया प्रसंज्ञान

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जयपुर

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MOHIT SHARMA

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Aug 03, 2018

जयपुर। त्रिमूर्ति सर्किल स्थित सेठ आनंदीलाल पोद्दार मूक बधिर विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा किए गए प्रदर्शन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस पर अब राज्य मानवाधिकार आयोग ने लिया प्रसंज्ञान लेकर अब तक हुई कार्रवाई पर जवाब—तलब किया है। राज्य मानवाधिकार आयोग ने इस स्कूल के छात्रों की सुनवाई नहीं होने पर चिंता जताई है। आयोग ने स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से पूछा है कि विद्यालय की ओर से पहली बार मांग कब उठाई और विभाग ने उन पर क्या किया। साथ ही मुख्य सचिव से कहा कि विकलांग छात्रों की शिक्षा के लिए योजना की जानकारी पेश करने का अंतिम मौका दिया जा रहा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो प्रत्येक विद्यार्थी को हर्जाना दिलाने की सिफारिश की जाएगी। आयोग अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश टाटिया ने राजस्थान पत्रिका की खबरों के आधार पर दर्ज मामले में यह आदेश दिया। अब मामले की सुनवाई 28 अगस्त को होगी। आयोग में इस विद्यालय की व्यवस्था को लेकर एक मामला पहले से चल रहा था।

यह भी की टिप्पणी
आयोग ने यह भी टिप्पणी की है कि लगता है इस विद्यालय के छात्रों की शिक्षा के लिए शिक्षा विभाग के पास न तो कोई दृष्टिकोण है और न ही कार्ययोजना। ऐसी व्यवस्था के विरूदृध मूक—बधिर छात्रों को जुबान मिल गई है। इन छात्रों को सड़क पर आंदोलन करना पड़े यह शिक्षा विभाग का दुखद रवैया है। मीडिया के डर से छात्रों का आंदोलन समाप्त कराने के लिए कमेटी बना दी गई, लेकिन लिपिक से लेकर किसी भी उच्चाधिकारी पर कार्रवाई नहीं करना शर्मनाक है।

ये है मामला
गौरतलब है कि 30 जुलाई को इस स्कूल के विद्यार्थियों ने विभिन्न मांगों को लेकर स्कूल के ताला जड़ दिया और सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया था। विद्यार्थियों का कहना था कि शिक्षक उनकी साइन लैंग्वेज नहीं समझते हैं, पढ़ाई भी अच्छी नहीं होती और शिक्षक कॉपी भी सही से चैक नहीं करते हैं। इनता ही नहीं विद्यार्थियों ने बताया कि स्कूल के छात्रावास में खाना भी सही नहीं मिलता है।