दिल्ली के बाद अब जयपुर की आबोहवा जहरीली, एक्यूआई लेवल 241 पर पहुंचा, सांस लेने में तकलीफ
राजधानी जयपुर की आबोहवा जहरीली होती जा रही है। पॉल्यूशन का स्तर बढ़ने की वजह से जयपुर का एक्यूआई 237 तक पहुंच गया है। जो खराब हवा की श्रेणी में आता है। एक्यूआई बढ़ने की वजह से जयपुर स्मॉग की चादर में लिपटा नजर आया।
जयपुर की आबोहवा जहरीली, एक्यूआई लेवल 241 पर पहुंचा, सांस लेने में तकलीफ
राजधानी जयपुर की आबोहवा जहरीली होती जा रही है। पॉल्यूशन का स्तर बढ़ने की वजह से जयपुर का एक्यूआई 237 तक पहुंच गया है। जो खराब हवा की श्रेणी में आता है। एक्यूआई बढ़ने की वजह से जयपुर स्मॉग की चादर में लिपटा नजर आया। लोग इसे सर्दी का असर समझते रहे, लेकिन असल में यह प्रदूषण की वजह से छाई धुंध है। दिल्ली से नजदीकी होने की वजह से भी जयपुर पर प्रदूषण का असर नजर आ रहा है। दिवाली का त्योहार आने वाला है। ऐसे में पटाखों की वजह से होने वाले प्रदूषण की वजह से एक्यूआई स्तर और ज्यादा बढ़ सकता है।
मुरलीपुरा में सबसे बुरे हालात
जयपुर में छह जगहों पर हवा की गुणवत्ता को मापा जाता है। इसमें सबसे बुरे हालात मुरलीपुरा में नजर आए हैं। यहां एक्यूआई स्तर 241 पर पहुंच गया है, जबकि सीतापुरा में एक्यूआई 237 है। जयपुर में एक भी जगह ऐसी नहीं है, जहां एक्यूआई स्तर 200 से कम हो।
चार दिन में 200 बना हुआ है एक्यूआई
पिछले तीन दिन के आंकड़ों पर नजर डालें तो जयपुर में एक्यूआई का स्तर 200 के आसपास बना हुआ है। इससे पहले भी यह स्तर 180 से 200 के बीच में ही दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से सुखद नहीं कहा जा सकता है। यह स्तर बढ़ने की वजह से अस्थमा और दिल के मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राजस्थान के भिवाड़ी में एक्यूआई 397 और हनुमानगढ़ में 393 पर पहुंच गया है।, जिसके चलते यहां प्रदूषण के हालात बहुत खराब हैं। दोनों जगहों पर पिछले तीन दिन दिन से हवा गुणवत्ता 300 से उपर है। भिवाड़ी को देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल है। इसी तरह चूरू में 346 और भरतपुर में एक्यूआई स्तर 343 दर्ज किया गया है।