
देवेंद्र सिंह, जयपुर। Diwali 2017- दीपावली पर्व 19 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस बार लोगों को खरीदारी के लिए धन तेरस या दीपावली का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। क्योंकि इस बार दो दिन छोड दिए जाए तो दीपावली से पूर्व 5 से 19 अक्टूबर तक हर दिन कोई ना कोई विशेष योग बन रहा है। ऐसा संयोग करीब डेढ़ दशक बाद बन रहा है। इन 11 दिनों सर्वार्थसिद्घि, त्रिपुष्कर योग, कुमार व राजयोग, पुष्य नक्षत्र का अद्भुत संयोग है।
शुभ संयोगों में Sharad Purnima, Karva Chauth, पुष्य नक्षत्र, धनतेरस, रूप चौदस, Diwali के दिनों पर बाजारों में विशेष खरीद और शुभ मांगलिक कार्य होंगे। इन शुभ मुहूर्तों में वाहन, खाता-रोकड़, आभूषण, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक आइटम, मोबाइल, कंप्यूटर, फर्नीचर, व्यापार आरंभ, ग्रह प्रवेश, भूमि पूजन करना शुभ फलदायी रहेगा। इसके चलते शरद पूर्णिमा से दीपावली तक बाजारों में खासी रौनक रहेगी। 14 व 15 अक्टूबर काे ज्वाला मुखी व यमघंट याेग बन रहा है इसमें खरीदारी व शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
दीपावली पर यह बन रहे है संयोग
5 अक्टूबर शरद पूर्णिमा सर्वार्थसिद्धि योग
6 अक्टूबर को अमृतसिद्धि योग सूर्योदय से शाम 7 बजे तक। शाम
7.30 से रात 10.40 बजे तक कुमार योग।
8 अक्टूबर को करवा चौथ व राजयोग सूर्योदय से दोपहर 3.58 बजे तक।
9 अक्टूबर को सर्वार्थसिद्ध योग सूर्योदय से दूसरे दिन तक
10 अक्टूबर को कुमारयोग सुबह से दोपहर 12 बजे तक, रवियोग दोपहर 12 से शाम 7 बजे तक
11 अक्टूबर को सर्वार्थसिद्धि योग सूर्योदय से 10. 26 तक
12 अक्टूबर को रवियोग सूर्योदय से 9.57 बजे तक। सर्वार्थसिद्धि योग सुबह 9 बजे से
13 अक्टूबर को सर्वार्थसिद्धि योग सुबह 7.46 बजे तक, सुबह 7.46 से रहेगा पुष्य नक्षत्र
14 अक्टूबर को ज्वालामुखी का अशुभ योग
15 अक्टूबर को यमघंट योग सूर्योदय से दूसरे दिन तक
17 अक्टूबर को धन तेरस अबूझ मुहूर्त
18 अक्टूबर को रुप चतुर्दशी व सर्वार्थसिद्धि 6.38 से अगले दिन सुबह 6.38 बजे तक
19 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजन स्वयं सिद्ध मुहूर्त
लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त
Diwali 2017- ज्योतिषाचार्य पं. सुरेश शास्त्री के अनुसार 19 अक्टूबर गुरुवार को सायंकाल अमावस्या होने से इसी दिन दीपावली मनाई जाएगी। इस दिन चित्रा नक्षत्र तथा पूरे दिन स्वयं सिद्ध मुहूर्त रहेगा। दिन—रात कभी भी लक्ष्मी की पूजा करने लक्ष्मी प्रसन्न होगी। 7.27 बजे से अगले दिन सुबह तक रहेगी। ज्योतिषाचार्य शास्त्री के अनुसार स्थिर लग्न में यदि लक्ष्मी पूजन किया जाए तो लक्ष्मी स्थिर रहती है और व्यापार भी स्थिर रहता है।
दीपावली पूजन मुहूर्त
वृश्चिक लग्न में सुबह 8.40 से 10.57 बजे तक
कुंभ लग्न में दोपहर 2.45 से शाम 4.15 बजे तक
वृषभ लग्न में शाम 7.22 से रात 9.19 बजे तक
सिंह लग्न में रात 1.52 से सुबह 4.08 बजे तक
गोधुली वेला में मेष लग्न में शाम 5.40 से 7.22 बजे
प्रदोश काल 5.51 से रात 8.25 बजे
लक्ष्मी पूजन का सबसे उत्तम मुहूर्त शाम 7.30 से 7.55 बजे तक रहेगा। इसमें कुंभ का स्थिर नवांश, प्रदोष काल व वृष लग्न भी रहेगा।
चौघड़िया के अनुसार मुहूर्त
अमृत व चर के चौघड़िया में शाम 5.51 से 9.01 बजे तक
लाभ के चौघड़िया में रात 12.11 से 1.46 बजे तक
शुभ का चौघड़िया मध्यरात्रि 3.30 से सुबह 6.33 बजे तक
गोधुली वेला में शाम 5.50 से शाम 7.11 बजे तक
वृष लग्न में शाम 7.20 से रात 9.15 बजे तक
Updated on:
04 Oct 2017 02:50 pm
Published on:
04 Oct 2017 02:47 pm
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