
जयपुर। पिछले महीने करीब 10 दिन तक डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश के दौरान 30 से ज्यादा मौते हुई। वहीं अब फिर से डॉक्टरों का आंदोलन शुरू हो चुका है। हालांकि आंदोलन उग्र नहीं है। लेकिन इस दौरान सरकार की ओर से डॉक्टरों से बातचीत की कोई पहल अब तक नहीं की गई है। अंदेशा है कि आने वाले दिनेां में आंदोलन भड़कने के बाद फिर से मरीजों के लिए संकट खड़ा हो जाएगा।
इधर, जयपुर एसोसिएशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स जार्ड की ओर से बुधवार को सवाई मानसिंह अस्पताल के आउटडोर के बाहर राज्य सरकार की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ किया गया। जयपुर एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स के अध्यक्ष डॉ रवि जाखड़ और महासचिव डॉ रमेश देवासी ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से रेजिडेंट्स का स्टाईपैंड बढ़ाया गया, लेकिन यह सातवे वेतनमान के अनुरूप नहीं है। इसके अलावा अन्य मांगों को लेकर रेजिडेंट्स ने आंदोलन शुरू किया है।
टेंट में देख रहे मरीज
सेवारत चिकित्सक संघ के महासचिव डॉ.दुर्गाशंकर सैनी ने बताया कि सेवारत चिकित्सकों ने बुधवार को 13वें दिन भी टेंट में मरीज देखे और निरंतर गाँधीवादी तरीके से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
अब ये हैं मांगे
- समझौते को मूल भावना के अनुरूप क्रियान्विति
- 12 सेवारत चिकित्सकों के स्थानान्तरण निरस्त किए जाएं
- अतिरिक्त निदेशक के पद पर पुन: चिकित्सक लगाया जाए
- सामुहिक अवकाश अवधि को अवकाश में समायोजित किया जाए
- सेवारत चिकित्सकों के आंदोलन के दौरान चिकित्सकों के विरूद्ध दर्ज मुकदमें वापस लिए जाएं और अनुशासनात्मक कार्यवाही के सभी आदेश निरस्त किए जाएं।
एसएमएस धनवंतरी ब्लॉक पर किया यज्ञ
आवास समेत अन्य मांगों का लेकर संघर्षरत एसएमएस मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट्स ने बुधवार को सरकार की सदबुद्धि के लिए यज्ञ किया। सरकार के चार साल के पूरे होने के अवसर पर धन्वंतरी ब्लॉक के बाहर आयोजित सद्बुद्धि यज्ञ किया और आहुतियां दी। रेजीडेंट्स की जयपुर इकाई अध्यक्ष रवि जाखड, महासचिव रमेश देवासी ने कहा कि रेजीडेंट्स आवास समेत कई दिक्कतों को लेकर जूझ रहे हैं। हर स्तर पर मांग उठाई जा चुकी है, फिर भी समस्या का समाधान करने के बजाय सरकार चार साल का जश्न मना रही है। इससे चिकित्सकों में रोष व्याप्त है।
Published on:
13 Dec 2017 08:15 pm
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