Gehlot Government: तीन साल से नियमों के फेर में अटकी वरिष्ठ अध्यापको व व्याख्याताओं की पदोन्नति नए सत्र में सरकारी स्कूलों पर ताले लटकवा सकती है। क्योंकि पदोन्नति नहीं होने से स्कूलों में शिक्षकों की कमी होना तय है। इससे नामांकन प्रभावित होने के साथ अभिभावकों द्वारा स्कूलों में तालाबंदी की आशंकाए बढ़ जाएगी। मामले में कोर्ट में जारी वाद के बीच शिक्षक संगठनों ने शिक्षा विभाग को आरआर पदोन्नति (रिव्यू एंड रिविजन) का सुझाव दिया है। संगठनों का कहना है कि कोर्ट का फैसला नहीं आने तक शिक्षकों को पातेय वेतन पर पदोन्नत किया जा सकता है। इससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी हो जाएगी और पदोन्नति का क्रम जारी रहने से तृतीय श्रेणी शिक्षकों की नई भर्ती के लिए भी पद खाली हो जाएंगे।
इस वजह से अटकी है डीपीसी व्याख्याता