
जयपुर। राज्य केबिनेट की बैठक में पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के भूमि हस्तांतरण के साथ कई महत्वपूर्ण निर्णय किए गए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित बैठक में राज्य की नई स्टार्टअप पॉलिसी का अनुमोदन किया गया है। 2020-21 के बजट में स्टार्टअप पॉलिसी की घोषणा की गई थी। इससे पहले राज्य में 2015 में स्टार्टअप पॉलिसी घोषित की गई थी। अब नई स्टार्टअप पॉलिसी से स्कूली विद्यार्थियों, ग्रामीण स्टार्टअप एवं संस्थानिक इन्क्यूबेशन सेंटर्स पर जोर दिया गया है।
सरकार का मानना है कि इस पॉलिसी से प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। मंत्रिमंडल ने जैसलमेर में मैसर्स वंडर सीमेंट लिमिटेड को सीमेंट प्लांट एवं रेलवे साइडिंग की स्थापना के लिए 400.5 हेक्टेयर औद्योगिक आरक्षित भूमि के आवंटन प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह परियोजना दो चरणों में स्थापित होगी। इसमें 4200 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। योजना में करीब 1500 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें ग्राम पारेवर, लीला पारेवर और सोनू में भूमि आवंटन पर मोहर लगी है। केबिनेट ने नवीन अनुसूचित क्षेत्र के अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ देने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया है।
साथ ही राजस्थान सिविल सेवा पुनरीक्षित वेतन नियम 2017 में संशोधन किया है। इससे 1958 के नियम 17 के अंतर्गत कार्मिकों दी गई लघु शास्तियों के मामले में पारिमाणिक प्रभाव को समाप्त किया गया है। बैठक में शहीद और स्थायी रूप से अशक्त पैरामिलट्री कार्मिकों के परिजन को अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान किया गया है। इसके तहत बैटल कैजुअलिटी, फिजिकल कैजुअलिटी के आश्रितों को अथवा स्थायी रूप से अशक्त सशक्त बल कार्मिकों के आश्रितों को अनुकंपा नियम 2022 में प्रस्तावित संशोधन को मंजूरी दी गई है। बूंदी जिले के हींडोली में राजकीय आइटीआइ का नाम डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान रखा गया है। केबिनेट एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले के तहत तय किया है कि अब जनजाति बालिका छात्रावासों में सिर्फ महिला वार्डन ही नियुक्त की जाएंगी।
इससे राज्य में स्वीकृत 274 अधीक्षक पदों पर महिला अधिकारी ही नियुक्त होंगी। राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को राजकीय सेवाओं में 2 प्रतिशत आरक्षण का लाभ अब राजस्थान इंजीनियरिंग सबऑर्डिनेट सर्विस और राजस्थान साइंस एंड टेक्रोलॉजी सर्विसेज में भी दिया जाएगा। समेकित बाल विकास सेवा नियम में संशोधन करते हुए पर्यवेक्षक पद पर अति पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को भी आरक्षित वर्ग के समान आयु सीमा में छूट के प्रावधान को मंजूरी दी गई है।
Updated on:
10 Nov 2022 11:12 am
Published on:
10 Nov 2022 11:12 am
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