नाटक में लड़कियों में समाज में शिक्षा, जातिगत भेदभाव उनके जीवन को कैसे प्रभावित कर रहा है की घटनाओं को बताया। नाटक में विशाखा संस्था सलूंबर से उमा, बसंती शिल्पा, छोटू राम, शिवदयाल तथा हम कदम केंद्र से प्रियंका आदि ने कार्यक्रम में भाग लिया। नाटक में सावित्री, ज्योतिबा फुले ओर आस पास के अन्य किरदारों को पूरी तरह से जीवंत किया गया।