31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

यदि आप भी एसएमएस अस्पताल जा रहे हैं तो ये चीज जरूर साथ ले जाएं

हॉस्पीटल की इस गंभीर लापरवाही के बारे में आप भी जानें..
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Veejay Chaudhary

•

Updated: 27 Jun 2018, 1:47 PM IST

jaipur

यदि आप भी एसएमएस अस्पताल जा रहे हैं तो ये चीज जरूर साथ ले जाएं

जयपुर. एसएमएस अस्पताल में मरीजों, डॉक्टरों और लोगों को संक्रमण से बचाने की व्यवस्था देखिए, महीनेभर से वहां मास्क ही नहीं हैं। लगभग 10 दिन तक तो अधीक्षक को ही इसका पता नहीं चला। फिर उन्होंने तुरंत मास्क खरीदने के आदेश दिए लेकिन व्यवस्था नहीं हो पाई। अस्पताल में महीनेभर से मास्क की सप्लाई बंद है। मरीजों की शिकायत पर मामला खुला तो अधीक्षक ने हैरानी जताते हुए जिम्मेदारों को तलब किया और फटकार लगाई। साथ ही तुरंत मास्क उपलब्ध कराने के लिखित आदेश जारी किए लेकिन सप्लाइ नहीं आई। मंगलवार तक भी मास्क की कमी ही नजर आई।

कमेटी ने उठाया गुणवत्ता का सवाल
अपने स्तर पर अस्पताल को मास्क खरीदने के लिए अस्पताल प्रशासन ने कमेटी बनाई लेकिन उसने गुणवत्ता को लेकर सवाल उठा दिया। आखिर लाइफ लाइन के जरिए मास्क मंगवाने पर सहमति हुई लेकिन इसमें भी सुस्ती हावी रही।

रेट लिस्ट नहीं आई, इसलिए किल्लत

एसएमएस अस्पताल को राजस्थान मेडिकल कॉर्पोरेशन लिमिलेड के जरिए मास्क की सप्लाइ हो रही है। सूत्रों के अनुसार रेट लिस्ट नहीं आने के कारण पिछले महीनेभर से मास्क सप्लाई रुकी हुई है। कॉर्पोरेशन ने टैंडर निकाले लेकिन कोई फर्म नहीं आई।

फिर से निकालेंगे टैंडर
पहले निकाले टैंडर में किसी भी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई। ऐसे में हॉस्पीटल प्रशासन दोबारा से टैंडर प्रक्रिया शुरू करने की बात कर रहा है। फिलहाल इस प्रक्रिया को पूरा होने में 2-3 महीने और लगने के आसार हैं।

यह हो रहा असर

- ओटी-आईसीयू में मास्क जरूरी, संक्रमण का खतरा बढ़ा
- मरीजों पर बाजार से खरीदने का दबाव, अतिरिक्त आर्थिक भार
- बाजार में बढ़े दाम
- सर्जन कैप की भी किल्लत

जरूरत इसलिए कि..
500 से ज्यादा ऑपरेशन रोजाना
10 रुपए तक का मास्क बाजार में
40 रुपए तक का कपड़े का मास्क मिल रहा
150 रुपए तक के मास्क मंगाए जा रहे हैं मरीजों से
50 हजार लोगों की आवाजाही होती है अस्पताल में रोजाना